KCR का बेटी के. कविता के खिलाफ कड़ा एक्शन, पार्टी विरोधी बयानों के चलते हुईं सस्पेंड
KCR का बेटी के. कविता के खिलाफ कड़ा एक्शन, पार्टी विरोधी बयानों के चलते हुईं सस्पेंड
तेलंगाना की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने अपनी ही बेटी और पार्टी सांसद के. कविता को पार्टी से सस्पेंड कर दिया है। यह फैसला कविता के पार्टी विरोधी बयानों और आंतरिक कलह के कारण लिया गया। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि कविता ने हाल ही में दिए बयानों में पार्टी लाइन से हटकर टिप्पणियां कीं, जिससे संगठन की एकता को नुकसान पहुंचा। कविता, जो बीआरएस की प्रमुख चेहरों में से एक हैं, को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। KCR ने कहा कि परिवार से ऊपर पार्टी है, और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह घटना बीआरएस के लिए झटका है, जो हाल ही में तेलंगाना विधानसभा चुनाव में हार के बाद संकट से जूझ रही है। कविता ने पिछले हफ्ते एक इंटरव्यू में KCR की नेतृत्व शैली पर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी को नई दिशा की जरूरत है। उन्होंने रामाराव के फैसलों की आलोचना की, जिसे पार्टी नेताओं ने विद्रोह माना। कविता ने दिल्ली दारू घोटाले में नाम आने के बाद भी पार्टी को दोषी ठहराया, जबकि KCR ने हमेशा उनका बचाव किया था। सस्पेंशन के बाद कविता ने सोशल मीडिया पर चुप्पी साध ली है, लेकिन उनके समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। रामाराव ने कहा कि यह कदम पार्टी को मजबूत करने के लिए जरूरी था, और कविता को अपील का मौका दिया जाएगा।
इस फैसले से बीआरएस में आंतरिक कलह और तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे KCR का ‘तानाशाही रवैया’ बताया, जबकि भाजपा ने कहा कि परिवारवाद अब टूट रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सस्पेंशन पार्टी की एकजुटता दिखाने का प्रयास है, लेकिन इससे युवा नेताओं में असंतोष बढ़ सकता है। कविता की सस्पेंशन तेलंगाना की राजनीति को नया मोड़ देगी, खासकर लोकसभा चुनाव से पहले। KCR ने कार्यकर्ताओं से एकता की अपील की और कहा कि बीआरएस जल्द मजबूत लौटेगी। कुल मिलाकर, यह घटना KCR परिवार की राजनीतिक यात्रा पर सवाल खड़े कर रही है।
