कांग्रेस-RJD के मंच से मां की गाली पर PM मोदी ने दिया जवाब- इसकी पीड़ा सबको है
पटना में एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और राजद (आरजेडी) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा दी जाने वाली गालियां उनकी मां का अपमान नहीं, बल्कि हर मां का अपमान हैं। पीएम मोदी ने मांग की कि कांग्रेस-आरजेडी छठी मइया से माफी मांगें। यह बयान बिहार विधानसभा चुनाव के बीच आया है, जहां राजनीतिक तापमान तेज हो गया है। रैली में मौजूद हजारों समर्थकों ने पीएम के बयान पर जोरदार तालियां बजाईं। मोदी ने कहा, “ये लोग न सिर्फ मेरी मां को गालियां देते हैं, बल्कि पूरे समाज की माताओं का अपमान करते हैं। छठी मइया, जो बिहार की आस्था का प्रतीक हैं, उनसे माफी मांगो।” उन्होंने विपक्ष पर जातिवादी राजनीति करने का भी आरोप लगाया।
यह विवाद तब भड़का जब हाल ही में कांग्रेस के एक नेता ने पीएम मोदी की मां को लेकर अपशब्द कहे, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। आरजेडी के कुछ कार्यकर्ताओं ने भी इसी तरह के बयान दिए, जिसे भाजपा ने ‘महिलाओं के अपमान’ का नाम दिया। पीएम मोदी ने रैली में कहा कि बिहार की जनता ऐसी राजनीति को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने छठ पूजा का जिक्र करते हुए कहा कि छठी मइया सूर्य देव की पूजा कर हर परिवार को आशीर्वाद देती हैं, लेकिन विपक्ष इस आस्था को भी राजनीति का शिकार बना रहा है। मोदी ने बिहार की विकास योजनाओं का जिक्र किया, जैसे नया एयरपोर्ट, हाईवे और गरीबों के लिए आवास, और कहा कि कांग्रेस-आरजेडी ने दशकों तक बिहार को लूटा। उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार को बधाई दी और कहा कि एनडीए बिहार को आगे ले जाएगा।
विपक्ष ने पीएम के बयान पर पलटवार किया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मोदी जी खुद अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं, जैसे ‘पप्पू’ या ‘शहजादा’ कहना। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा सत्ता बचाने के लिए भावुकता का सहारा ले रही है। उन्होंने दावा किया कि असली अपमान तो भाजपा की नीतियों से हो रहा है, जो गरीबों को प्रभावित कर रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान बिहार की महिलाओं और छठ पूजा के समर्थकों को लक्षित कर रहा है, जो वोट बैंक हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों को शांति बनाए रखने की हिदायत दी है। कुल मिलाकर, पीएम मोदी का यह निशाना विपक्ष को घेरने की रणनीति का हिस्सा लगता है, और बिहार चुनाव में भाषणबाजी तेज हो गई है। उम्मीद है कि राजनीति सकारात्मक दिशा में मुड़ेगी।
