पवन खेड़ा के पास दो वोटर ID, अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट, पवन खेड़ा ने दिया जवाब
नई दिल्ली में ‘वोट चोरी’ विवाद ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा पर दो एक्टिव वोटर आईडी कार्ड रखने का गंभीर आरोप लगाया है। मालवीय ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि खेड़ा के नाम पर दिल्ली के जंगपुरा (ईस्ट दिल्ली लोकसभा) और न्यू दिल्ली (न्यू दिल्ली लोकसभा) विधानसभा क्षेत्रों में दो ईपीआईसी नंबर रजिस्टर्ड हैं – XHC1992338 और SJE0755967। उन्होंने कांग्रेस को ‘क्विंटेसेंशियल वोट चोर’ बताते हुए चुनाव आयोग से जांच की मांग की और पूछा कि क्या खेड़ा ने कई बार वोट डाला? मालवीय ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा, कहा कि वे ‘वोट चोरी’ चिल्लाते हैं, लेकिन सोनिया गांधी का नाम नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में था। उन्होंने खेड़ा पर बिहार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोटरों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। यह हमला राहुल गांधी के ‘हाइड्रोजन बम’ वाले बयान के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने भाजपा पर वोट चोरी का आरोप लगाया था।
पवन खेड़ा ने आरोपों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह ठीक वही मुद्दा है, जिस पर कांग्रेस चुनाव आयोग की कमियों पर सवाल उठा रही है। खेड़ा ने बताया कि 2016-17 में उन्होंने पुरानी आईडी हटाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन वह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। उन्होंने पूछा, “फिर कौन डाल रहा है मेरे नाम पर वोट? न्यू दिल्ली में मेरा नाम क्यों बाकी है, जबकि मैं वहां से 2016 में शिफ्ट हो गया था?” खेड़ा ने कहा कि भाजपा हमें निशाना बनाना चाहती थी, लेकिन अंत में ईसी पर उंगली उठ गई। उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का विरोध किया, जो कथित तौर पर गलत नामों को वैध बनाने का काम कर रहा है। खेड़ा ने चुनाव आयोग से सीसीटीवी फुटेज और वोटर लिस्ट की डिटेल्स मांगीं, ताकि पता चले कि उनके नाम का दुरुपयोग कौन कर रहा है। कांग्रेस ने इसे भाजपा की डायवर्जन टैक्टिक बताया, जो वोट चोरी के असली आरोपों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
यह विवाद बिहार चुनाव से ठीक पहले तेज हो गया है, जहां INDIA गठबंधन ‘वोटर अधिकार यात्रा’ चला रहा है। मालवीय ने राहुल पर शपथ-पत्र न देने का ताना भी कसा, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र केस खारिज कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि वोटर लिस्ट में लाखों फर्जी नाम हैं, जबकि भाजपा इसे कांग्रेस की साजिश बता रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जंग चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ी कर रही है। कुल मिलाकर, दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर कीचड़ उछाल रही हैं, और चुनाव आयोग को अब फैसला लेना होगा। उम्मीद है कि जांच से सच्चाई सामने आएगी।
