उत्तराखंड

देवीधुरा बग्वाल मेले में CM धामी की बड़ी घोषणाएं, महिलाओं को रोडवेज में 60 साल से मुफ्त सफर

देवीधुरा बग्वाल मेले में CM धामी की बड़ी घोषणाएं, महिलाओं को रोडवेज में 60 साल से मुफ्त सफर

चम्पावत: विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां वाराही धाम देवीधुरा में रक्षाबंधन के अवसर पर ऐतिहासिक बग्वाल मेले का भव्य आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में शामिल होकर मां वाराही देवी की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी कीं।

छोलिया नृत्य से हुआ मुख्यमंत्री का स्वागत

देवीधुरा हेलीपैड पहुंचने पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, डीएम मनीष कुमार, एसपी रेखा यादव समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक बग्वाल मेला उत्तराखंड की आस्था, लोक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक जड़ों और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है।

‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ के तहत 397 कार्य

सीएम धामी ने बताया कि मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में धार्मिक अवस्थापना और सौंदर्यीकरण के लिए 68.58 करोड़ रुपये की लागत से 397 कार्य किए गए हैं।

उन्होंने देवीधुरा को नगर पंचायत बनाने की बात भी कही। साथ ही देवीधुरा में 9.80 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण जल्द कराने की घोषणा की।

चार खामों के बीच हुआ ऐतिहासिक बग्वाल

मां वाराही मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद चार खामों—वालिक, चम्याल, गहड़वाल और लमगड़िया के बग्वालियों ने मैदान में प्रवेश किया। पारंपरिक वेशभूषा और ढालों से सजे बग्वालियों के बीच शंखनाद और मां वाराही के जयकारों के साथ बग्वाल शुरू हुई।

मुख्यमंत्री ने इस अनोखी परंपरा का अवलोकन किया और कहा कि बग्वाल की परंपरा अनुशासन और भाईचारे की मिसाल है। उन्होंने ‘विकास भी और विरासत भी’ के संकल्प को दोहराया।

महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं

रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

60 वर्ष की आयु से महिलाओं को उत्तराखंड रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा।

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत देहरादून को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसों में से 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में संचालित की जाएंगी।

महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये की जाएगी।

महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और पर्यटन स्थलों पर हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाने की दिशा में काम कर रही है।

3.09 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में भी मुख्यमंत्री ने हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में अब तक 3 लाख 9 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं से लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया और कहा कि सरकार उनकी इस यात्रा में हर संभव सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। जन-धन, मुद्रा, उज्ज्वला और स्वच्छ भारत जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर बहनों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि एक भाई के रूप में वह अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी से निभाते रहेंगे।

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