कर्नाटक में मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा
कर्नाटक में मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा
कर्नाटक के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने कथित वाल्मीकि जनजातीय कल्याण निगम घोटाले को लेकर जारी विवाद के बीच मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी और कांग्रेस नेतृत्व को असहज स्थिति से बचाने के लिए स्वेच्छा से पद छोड़ रहे हैं।
नागेंद्र ने खुद को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और विपक्ष ने उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया। उनका दावा है कि मामले में कई जांच हो चुकी हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस भूमिका या वित्तीय लेन-देन साबित नहीं हुआ है।
उन्होंने विपक्ष पर विधानसभा की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे सूखा, कावेरी जल विवाद और केपीएससी भर्ती जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।
नागेंद्र ने अपने बयान में संविधान और डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों का हवाला देते हुए भाजपा की विचारधारा पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ कार्रवाई में अलग मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ईडी की कार्रवाई के बाद वह करीब तीन महीने जेल में रहे और बाद में उन्हें जमानत मिली। साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपने ऊपर लगे आरोपों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे और अनुसूचित जनजाति बहुल 15 विधानसभा क्षेत्रों में जाकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे।
नागेंद्र ने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा व्यक्तिगत फैसला है और इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार तथा कांग्रेस नेतृत्व को राजनीतिक नुकसान से बचाना है।
