प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास, ग्रैंड चेस टूर खिताब जीतने वाले बने पहले भारतीय
प्रज्ञानंद ने रचा इतिहास, ग्रैंड चेस टूर खिताब जीतने वाले बने पहले भारतीय
भारतीय शतरंज खिलाड़ी रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है। उन्होंने अमेरिका के सेंट लुइस में खेले गए ग्रैंड चेस टूर 2026 के फाइनल में अमेरिका के फैबियानो कारुआना को 15-13 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही प्रज्ञानंद ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
शुरुआती हार के बाद शानदार वापसी
फाइनल में प्रज्ञानंद की शुरुआत अच्छी नहीं रही। क्लासिकल चेस में उन्हें कारुआना के हाथों 3-9 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारतीय स्टार ने जबरदस्त वापसी करते हुए रैपिड सेक्शन में 8-0 से जीत दर्ज की।
इसके बाद ब्लिट्ज मुकाबला 4-4 से बराबरी पर समाप्त हुआ। इस तरह तीनों चरणों के कुल स्कोर में प्रज्ञानंद ने 15-13 से बाजी मारकर खिताब पर कब्जा कर लिया।
फाइनल जीतकर मिले करीब 1.90 करोड़ रुपये
खिताब जीतने के साथ प्रज्ञानंद को 2 लाख डॉलर (करीब 1.90 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि मिली। फैबियानो कारुआना को दूसरे स्थान के लिए 1 लाख 25 हजार डॉलर मिले। तीसरे स्थान पर रहे वेस्ली सो को 75 हजार डॉलर, जबकि विंसेंट कीमर को 50 हजार डॉलर मिले।
सेमीफाइनल में भी किया दमदार प्रदर्शन
फाइनल से पहले प्रज्ञानंद ने सेमीफाइनल में जर्मनी के विंसेंट कीमर को 19-9 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में फैबियानो कारुआना ने वेस्ली सो को 18-12 से शिकस्त दी थी।
13 साल की उम्र में बने थे ग्रैंडमास्टर
चेन्नई के रहने वाले प्रज्ञानंद ने महज 13 साल की उम्र में 2018 में ग्रैंडमास्टर का खिताब हासिल किया था। अगस्त 2026 की ताजा FIDE क्लासिकल रैंकिंग में उनकी रेटिंग 2750 है और वह दुनिया के 12वें नंबर के खिलाड़ी बताए गए हैं।
2027 ग्रैंड चेस टूर में भी सीधा प्रवेश
ग्रैंड चेस टूर 2026 के शीर्ष तीन खिलाड़ियों को अगले साल यानी 2027 ग्रैंड चेस टूर में सीधे खेलने का निमंत्रण भी मिलेगा। प्रज्ञानंद की इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय शतरंज के लिए एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
