राजनीति

RSS के ‘पथ संचलन’ में शामिल होने पर 2 सरकारी शिक्षक निलंबित, प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना

RSS के ‘पथ संचलन’ में शामिल होने पर 2 सरकारी शिक्षक निलंबित, प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना

बेंगलुरु: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को कर्नाटक सरकार पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ‘पथ संचलन’ में शामिल होने वाले दो सरकारी स्कूल शिक्षकों के निलंबन को लेकर निशाना साधा। उन्होंने इस कार्रवाई को वापस लेने की मांग करते हुए इसे सरकार की “नफरत भरी कार्रवाई” बताया।

दो सरकारी शिक्षकों पर हुई कार्रवाई

कर्नाटक के शिक्षा विभाग ने यादगीर जिले के दो सरकारी स्कूल शिक्षकों गुरुराज जोशी और अन्ना साहेब देशमुख को RSS के पथ संचलन में शामिल होने के मामले में निलंबित किया है।

विभाग के मुताबिक, दोनों शिक्षकों की पथ संचलन में भागीदारी प्रथम दृष्टया कर्नाटक सिविल सेवा (आचरण) नियम, 2021 के प्रावधानों का उल्लंघन है। दोनों को विभागीय जांच लंबित रहने तक निलंबित किया गया है।

प्रह्लाद जोशी ने सरकार की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को शिक्षकों को निलंबित करने के बजाय लापता IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार को खोजने पर ध्यान देना चाहिए।

जोशी ने सवाल किया कि सरकार का काम लापता अधिकारी को पकड़ना है या RSS की गतिविधि में शामिल होने पर दो शिक्षकों को निलंबित करना।

उन्होंने शिक्षकों के निलंबन को वापस लेने की मांग की।

BJP विधायक ने भी किया विरोध

भाजपा विधायक महेश तेंगिनकाई ने भी शिक्षकों के निलंबन की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की गई है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

तेंगिनकाई ने कहा कि RSS एक स्वतंत्र संगठन है और उसका किसी राजनीतिक दल या राजनीतिक संगठन से संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े लोग RSS के कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

अदालतों के पुराने फैसलों का दिया हवाला

प्रह्लाद जोशी ने दावा किया कि अदालतें पहले भी सरकारी कर्मचारियों को RSS की गतिविधियों में शामिल होने से रोकने के प्रयासों को खारिज कर चुकी हैं। इसी आधार पर उन्होंने कर्नाटक सरकार से दोनों शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की।

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