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रक्षाबंधन पर बच्चों के साथ दिखा PM मोदी का खास अंदाज, पूछा गया बचपन का सपना तो दिया दिल छू लेने वाला जवाब

रक्षाबंधन पर बच्चों के साथ दिखा PM मोदी का खास अंदाज, पूछा गया बचपन का सपना तो दिया दिल छू लेने वाला जवाब

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पारंपरिक रक्षाबंधन कार्यक्रम इस बार भी खास रहा। हर साल की तरह इस बार भी बच्चों ने प्रधानमंत्री को राखी बांधी, लेकिन समारोह के दौरान बच्चों के साथ पीएम मोदी का सहज और खुशनुमा अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

बच्चों के साथ हाई-फाइव और खूब मुस्कुराए पीएम मोदी

रक्षाबंधन के बाद प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर समारोह की तस्वीरें और वीडियो साझा किए। इनमें वह बच्चों के साथ हाई-फाइव करते, हाथ मिलाते और हंसते-मुस्कुराते नजर आए।

पीएम मोदी ने एक पोस्ट में लिखा, “आज के रक्षाबंधन समारोह के दौरान हाई-फाइव, मुस्कान और भी बहुत कुछ।”

वीडियो में बच्चे प्रधानमंत्री के साथ बातचीत करते और तस्वीरें खिंचवाते दिखाई दिए। पीएम मोदी भी बच्चों के साथ काफी सहज अंदाज में बातचीत करते नजर आए।

बच्चे ने पूछा- बचपन का सपना क्या था?

समारोह के दौरान एक बच्चे ने प्रधानमंत्री से उनके बचपन के सपने के बारे में सवाल किया। इस पर पीएम मोदी मुस्कुराए और जवाब दिया कि उनका सपना “आप लोगों से मिलने का” था।

प्रधानमंत्री के इस जवाब के बाद वहां मौजूद बच्चे मुस्कुराने लगे और माहौल तालियों से गूंज उठा।

पीएम मोदी ने देशवासियों को दी रक्षाबंधन की शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री ने रक्षाबंधन को प्रेम, स्नेह और सौहार्द का पर्व बताते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि यह त्योहार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन लोगों के बीच विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता के रिश्तों को और मजबूत करने वाला पर्व है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने भी बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन

वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में विभिन्न स्कूलों और संस्थाओं के बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाया।

राष्ट्रपति ने कहा कि रक्षाबंधन का महत्व केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है। राखी परिवार के सदस्यों, दोस्तों और यहां तक कि पेड़-पौधों को भी बांधी जा सकती है, क्योंकि यह प्रेम और देखभाल का प्रतीक है।

उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों और पेड़ों की देखभाल के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी हमारे सामाजिक संस्कारों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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