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नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से 469 लोगों की मौत, 977 अब भी लापता; 290 भारतीय नागरिक भी प्रभावित

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से 469 लोगों की मौत, 977 अब भी लापता; 290 भारतीय नागरिक भी प्रभावित

काठमांडू: नेपाल में भोटेकोसी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, बाढ़ के बाद अब तक 469 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 977 लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं। इनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की भी बताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि नेपाल-चीन सीमा के बीच बहने वाली भोटेकोसी नदी के ऊपरी क्षेत्र में हुए हिमस्खलन के कारण नदी में अचानक तेज बाढ़ आई। बाढ़ के पानी ने नदी किनारे बसे इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। कई बस्तियां, सड़कें, जलविद्युत परियोजनाएं, बिजली प्रसारण ढांचा और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रभावित हुई हैं।

चितवन में सबसे ज्यादा 178 शव बरामद

NDRRMA के अनुसार, विभिन्न जिलों से बरामद शवों में सबसे ज्यादा 178 शव चितवन से मिले हैं। इसके अलावा नवलपरासी पूर्व में 110, गोरखा में 44, नुवाकोट में 37, तनहुन में 28, नवलपरासी पश्चिम में 27, धाडिंग में 23 और रसुवा में 12 शव बरामद किए गए हैं।

वहीं, संपर्क से बाहर 977 लोगों में 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

290 भारतीय नागरिक अब भी लापता

भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस आपदा के बाद 290 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा अमेरिका के करीब 90 नागरिकों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है, जबकि चीन ने बताया है कि भूस्खलन के बाद नेपाल की तरफ करीब 100 चीनी नागरिक लापता हैं।

लापता लोगों में विदेशों में रहने वाले 127 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं।

सुरक्षाबलों के जवान भी संपर्क से बाहर

NDRRMA के मुताबिक, संपर्क से बाहर लोगों में नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाली सेना के 45 जवान, सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान, कस्टम ऑफिस के 15 कर्मचारी और इमिग्रेशन ऑफिस के चार कर्मचारी भी शामिल हैं।

इस आपदा में अब तक 73 लोग घायल हुए हैं। इनमें रसुवा के 43, नुवाकोट के 27 और धाडिंग के तीन लोग शामिल हैं।

13 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी राहत अभियान में जुटे

बचाव और राहत अभियान के लिए नेपाल पुलिस, नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल के कुल 13,295 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। बचाव दल अब तक 3,253 लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है।

सरकार ने राहत सामग्री भेजने वालों से की अपील

नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने राहत सामग्री भेजने और बचाव कार्यों में मदद करने वाले लोगों व संगठनों से पहले संबंधित जिला प्रशासन कार्यालय से समन्वय करने की अपील की है।

सरकार के मुताबिक, बिना पूर्व समन्वय के छोटे वाहनों में राहत सामग्री लेकर प्रभावित इलाकों में पहुंचने से सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो रही है। इससे एंबुलेंस, बचाव दल और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

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