SINTA विवाद में बढ़ा घमासान, उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर लगाए गंभीर आरोप
SINTA विवाद में बढ़ा घमासान, उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर लगाए गंभीर आरोप
मुंबई: सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (SINTA) के भीतर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभिनेत्री और SINTA की पूर्व महासचिव उपासना सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संस्था में चल रहे विवाद को लेकर खुलकर अपनी बात रखी और पूनम ढिल्लों तथा पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात कही।
उपासना सिंह का दावा है कि कार्यकारिणी के 11 सदस्यों, जिनमें मुकेश ऋषि, पुनीत इस्सर और विंदू दारा सिंह भी शामिल हैं, के इस्तीफे के बाद कमेटी पूरी तरह भंग हो चुकी है। उनके और उनके समर्थक सदस्यों के आरोप हैं कि संस्था में बिना पर्याप्त सहमति के फैसले लिए जा रहे थे और बिना नोटिस के पदों में बदलाव किए जा रहे थे।
‘मुझे ऐरा-गैरा कहा गया’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपासना सिंह ने SINTA की बैठक में कथित तौर पर हुए अपमान का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अंग्रेजी नहीं आने को लेकर उन्हें नीचा दिखाया गया और उन्हें ‘ऐरा-गैरा’ तक कहा गया।
उपासना के मुताबिक, उनसे यह भी कहा गया कि वह सिर्फ एक कैरेक्टर आर्टिस्ट हैं, जबकि सामने वाले लोग स्टार हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे शहर से की और इंडस्ट्री ने उन्हें बहुत कुछ दिया है। अब वह कलाकारों और तकनीशियनों के लिए काम करना चाहती हैं।
दीपक पराशर से जुड़ी घटना का भी किया जिक्र
उपासना सिंह ने अभिनेता दीपक पराशर से जुड़ी एक कथित घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि दीपक पराशर से उनकी अंग्रेजी को लेकर टिप्पणी की गई थी। उपासना के अनुसार, कथित बदसलूकी के बाद दीपक भावुक होकर वहां से चले गए और बाद में उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि वह और अन्य सदस्य पिछले करीब ढाई साल से ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, जिसके बाद कई सदस्यों ने इस्तीफा देने का फैसला किया।
‘इंडस्ट्री को वापस कुछ देना चाहती हूं’
उपासना सिंह ने कहा कि उन्होंने SINTA में काम करने का फैसला इसलिए लिया क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री ने उन्हें पहचान और करियर दिया है। अब वह कलाकारों के साथ-साथ तकनीशियनों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए काम करना चाहती हैं।
फिलहाल SINTA का यह विवाद आरोप-प्रत्यारोप के दौर में पहुंच गया है और उपासना सिंह के ताजा बयानों के बाद मामले को लेकर आने वाले दिनों में और राजनीतिक व संगठनात्मक हलचल देखने को मिल सकती है।
