अमेरिकी कोर्ट में 44 पन्नों की फेडरल चार्जशीट: लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का बड़ा खुलासा
अमेरिकी कोर्ट में 44 पन्नों की फेडरल चार्जशीट: लॉरेंस बिश्नोई और जग्गू भगवानपुरिया के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का बड़ा खुलासा
कैलिफोर्निया/नई दिल्ली: अमेरिका की एक ग्रैंड जूरी ने कैलिफोर्निया की यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में 44 पन्नों की एक बेहद चौंकाने वाली फेडरल चार्जशीट दायर की है। इस आधिकारिक अमेरिकी दस्तावेज में भारत के मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टरों—लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को लेकर अब तक के सबसे बड़े खुलासे किए गए हैं। चार्जशीट में इन अपराधियों पर संगठित अपराध, ड्रग्स व हथियारों की तस्करी, जबरन वसूली (रंगदारी), अपहरण, हत्या और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कभी दोस्त थे, अब कट्टर दुश्मन: बिश्नोई बनाम जग्गू भगवानपुरिया
अमेरिकी चार्जशीट के मुताबिक, गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया कभी लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी सहयोगी और उसके नेटवर्क का हिस्सा हुआ करता था। लेकिन समय के साथ जग्गू ने अपना अलग गैंग तैयार कर लिया जो आज लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी (रैवलरी) बन चुका है।
जेल से संचालन: जग्गू भगवानपुरिया भारत की जेल में बंद रहते हुए भी अवैध मोबाइल फोन और इंटरनेट कॉलिंग डिवाइस के जरिए अमेरिका और कनाडा में बैठे अपने गैंग के सदस्यों को निर्देश देता था।
वैश्विक नेटवर्क: भगवानपुरिया गैंग के दुनिया भर (अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड) में 1,000 से ज्यादा सदस्य सक्रिय हैं, जिनमें से अकेले अमेरिका में 100 से अधिक लोग काम कर रहे हैं।
फर्जी मुकदमों से उगाही: एफबीआई (FBI) की जांच में सामने आया है कि यह गैंग पंजाब पुलिस के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर विरोधियों और आम लोगों पर झूठे केस दर्ज करवाता था और फिर मामला रफा-दफा करने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।
ड्रग्स तस्करी और लूट का करोड़ों डॉलर का साम्राज्य
अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, इस सिंडिकेट की सबसे बड़ी कमाई का जरिया मादक पदार्थों की तस्करी है:
ट्रकों से सप्लाई: दक्षिणी कैलिफोर्निया से हर हफ्ते बड़े ट्रकों के जरिए 100-100 किलो कोकीन और मेथामफेटामाइन अमेरिका के विभिन्न राज्यों और कनाडा भेजी जाती थी।
कार्टेल से लूट: यह गैंग सिर्फ ड्रग्स सप्लाई ही नहीं करता था, बल्कि मार्च 2024 में लॉस एंजिल्स में प्रतिद्वंद्वी गिरोहों से 220 किलो कोकीन और अप्रैल 2024 में लॉरेंस के कहने पर 500 किलो मेथामफेटामाइन लूटकर खुद बाजार में बेच दी थी।
नाबालिगों को बनाया शूटर: गैंग गरीब परिवारों के बच्चों को पैसे और विदेश भेजने का लालच देकर भर्ती करता था। कई बार महज 20 हजार रुपये देकर हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दिलवाया जाता था।
गोल्डी बराड़ ने भारतीय अभिनेताओं को दी धमकी
दस्तावेज में खुलासा हुआ है कि दिसंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच गोल्डी बराड़ ने कई बार भारतीय अभिनेताओं और उनके मैनेजरों को फोन व वॉयस मैसेज भेजकर रंगदारी मांगी। एक मैसेज में धमकी दी गई कि “घर पर हुई फायरिंग हमारे गैंग ने की थी, अगली बार गोलियां सीधे तुम्हें निशाना बनाएंगी।” इसके अलावा कनाडा के एक बिजनेसमैन से भी 5 लाख कनाडाई डॉलर की रंगदारी मांगी गई थी।
अमेरिकी एजेंसियों का ‘अंडरकवर ऑपरेशन’
इस सिंडिकेट को दबोचने के लिए अमेरिकी जांच एजेंसियों ने एक बड़ा अंडरकवर ऑपरेशन चलाया:
नकली फायरिंग वीडियो: जनवरी 2025 में एक गोपनीय मुखबिर और अंडरकवर एजेंट को गैंग के सदस्य सुखराज सिंह कंग तक पहुंचाया गया। गैंग का भरोसा जीतने के लिए अमेरिकी एजेंसियों ने खुद एक नकली फायरिंग का वीडियो बनाकर गैंग को भेजा, जिसे उन्होंने सच मान लिया।
रंगदारी की लाइव रिकॉर्डिंग: अप्रैल 2025 में कैलिफोर्निया की एक पार्किंग में गैंग के गुर्गे केस्टुटिस बाउज़ा ने एजेंट से 20 हजार डॉलर की रंगदारी ली। इसके बाद मई 2025 में आरोपी कमल ने राजन भट्टी के इशारे पर 15 हजार डॉलर की रकम वसूली। यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी एजेंसियों की निगरानी और रिकॉर्डिंग के तहत हुई।
संपत्ति जब्त करने की तैयारी
अमेरिकी सरकार ने अदालत से मांग की है कि यदि आरोपी दोषी ठहराए जाते हैं, तो अपराध से अर्जित उनकी सभी चल-अचल संपत्तियां, बैंक खाते, नकदी और हथियार जब्त किए जाएं। यदि यह संपत्तियां किसी तीसरे पक्ष के नाम ट्रांसफर की जा चुकी हैं, तो भी उसके बराबर मूल्य की अन्य संपत्तियां कुर्क की जाएंगी।
नोट: फिलहाल यह सभी बातें अमेरिकी अभियोजन पक्ष के आरोप हैं, जिन पर अंतिम फैसला अदालत में मुकदमे की सुनवाई और सबूतों की जांच के बाद ही होगा।
