चंपत राय के इस्तीफे के बाद मिले कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, बोले- “वे बेदाग हैं, लेकिन गलत लोगों पर भरोसा किया”
चंपत राय के इस्तीफे के बाद मिले कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, बोले- “वे बेदाग हैं, लेकिन गलत लोगों पर भरोसा किया”
अयोध्या/नई दिल्ली: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय का इस्तीफा मंजूर होने और उनकी सार्वजनिक चिट्ठी सामने आने के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने उनसे मुलाकात की है। बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बातचीत में गिरी ने स्पष्ट किया कि चंपत राय पूरी तरह स्वस्थ और समाधान-केंद्रित हैं और अपने इस्तीफे को लेकर उनके मन में कोई संदेह या गुस्सा नहीं है।
गोविंद देव गिरी ने कहा कि चंपत राय उनकी नजर में पूरी तरह “बेदाग” हैं, लेकिन उन्होंने बहुत लंबे समय तक कुछ गलत लोगों पर भरोसा किया, जिसकी वजह से दानपात्र से चढ़ावा चोरी और गबन का यह मामला सामने आया। गिरी ने अयोध्या के साधु-संतों से भी मुलाकात की और दावा किया कि सभी लोग मंदिर के नए मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किए जाने से खुश और सहमत हैं।
एसबीआई (SBI) की भूमिका पर उठे सवाल
राम मंदिर में दान की गिनती में कथित अनियमितताओं का यह मामला जून 2026 के पहले सप्ताह में सामने आया था, जिसकी जांच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) कर रही है।
चंपत राय का रुख: 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और दूसरे ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया गया था। इसके बाद चंपत राय ने राम भक्तों को एक पत्र लिखकर कहा कि वे एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देंगे।
बैंक पर सवाल: एसआईटी को सौंपे गए एक कथित बयान में चंपत राय ने राम मंदिर के लिए दान की गिनती की प्रक्रिया में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
नए सीईओ (CEO) की तलाश और आगामी बैठक
ट्रस्ट ने गबन के आरोपों के बाद मंदिर प्रबंधन प्रणाली को बेहतर बनाने और सुरक्षा कमियों को दूर करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं:
अस्थायी जिम्मेदारी: चंपत राय की जगह फिलहाल पूर्व आईएफएस (IFS) अधिकारी और ट्रस्टी कृष्ण मोहन को जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने ही एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट के बाद 8 आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
सीईओ चयन कमेटी: ट्रस्ट का नया सीईओ चुनने के लिए तीन सदस्यों का एक पैनल बनाया गया है। इस कमेटी में रिटायर्ड जज प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और ट्रस्टी सुरेश हवारे शामिल हैं।
अगली बैठक: दान चोरी को रोकने और नई व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक 22 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी।
बता दें कि इस मामले में एसआईटी को गबन के शुरुआती सबूत मिलने के बाद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और दान की गिनती से जुड़े आठ मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच की जा रही है।
