ठाणे डॉक्टर मारपीट मामला: मुख्य आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे पर दर्ज हैं 18 केस, डर के मारे एक पीड़ित डॉक्टर ने हमेशा के लिए छोड़ा शहर
ठाणे डॉक्टर मारपीट मामला: मुख्य आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे पर दर्ज हैं 18 केस, डर के मारे एक पीड़ित डॉक्टर ने हमेशा के लिए छोड़ा शहर
ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट के मामले में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के स्थानीय पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके जिन समर्थकों ने डॉक्टरों पर हमला किया था, वे सभी पुलिस रिकॉर्ड में आदतन ‘हिस्ट्रीशीटर’ अपराधी हैं। इस बीच, घटना से खौफजदा एक पीड़ित डॉक्टर ने अस्पताल से इस्तीफा देकर हमेशा के लिए शहर छोड़ दिया है।
यह पूरी वारदात 6 जुलाई को डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में हुई थी। विवाद तब शुरू हुआ जब डॉक्टरों ने एक नवजात शिशु के परिजनों को सलाह दी कि अस्पताल का एनआईसीयू (NICU) फुल है, इसलिए बच्चे को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाएं। इस पर परिजनों ने पार्षद रमेश म्हात्रे को बुला लिया, जिसने अपने गुर्गों के साथ आकर डॉक्टरों की बेरहमी से पिटाई कर दी।
आरोपियों की कुंडली: चारों निकले हिस्ट्रीशीटर अपराधी
पुलिस जांच और रिकॉर्ड के अनुसार, डॉक्टरों पर हाथ उठाने वाले सभी आरोपी गंभीर अपराधों में संलिप्त रहे हैं:
रमेश म्हात्रे (मुख्य आरोपी/पॉलीटीशियन): इसके खिलाफ पहले से कुल 18 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अक्षय कारंडे: इस आरोपी पर हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) के दो और मारपीट का एक मामला दर्ज है।
प्रमोद निकम: इस पर सातारा जिले में हत्या (Murder) का मुकदमा दर्ज है।
रमेश पवार: इस आरोपी पर महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले दर्ज हैं।
पीड़ित डॉक्टर का बयान: “गुंडे निगरानी कर रहे हैं, मैं कभी वापस नहीं आऊंगा”
मारपीट का शिकार हुए डॉक्टरों में से एक इस कदर मानसिक तनाव और डर में हैं कि उन्होंने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और शहर ही छोड़ दिया है। मीडिया से बातचीत में डॉक्टर ने रोते हुए अपना दर्द बयां किया:
”मैंने इस्तीफा दे दिया क्योंकि मुझे अपनी जान का बहुत डर लग रहा है। वे बेहद खतरनाक लोग हैं और उनके गुंडे हमारी निगरानी (रेकी) कर रहे हैं। मैं शहर छोड़ चुका हूं और वहां दोबारा कभी पैर नहीं रखूंगा। दूसरे डॉक्टर शायद वहां काम कर लें, लेकिन मैं नहीं कर सकता।”
म्हात्रे का कमिश्नर केबिन में हंगामे का पुराना वीडियो वायरल
इस घटना के बाद रमेश म्हात्रे का साल 2017 का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि जब पी. वेलारासु केडीएमसी (KDMC) के कमिश्नर थे, तब म्हात्रे ने अपने समर्थकों के साथ उनके केबिन में जबरन घुसकर भारी हंगामा और तोड़फोड़ की कोशिश की थी। उस वक्त कल्याण के बाजारपेठ पुलिस स्टेशन में इस गुंडागर्दी के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज की गई थी। इस पुराने वीडियो के सामने आने के बाद अब पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
