पश्चिम बंगाल में टीएमसी को बड़ा झटका: सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देब और प्रकाश चिक बड़ाईक बीजेपी में शामिल
पश्चिम बंगाल में टीएमसी को बड़ा झटका: सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देब और प्रकाश चिक बड़ाईक बीजेपी में शामिल
कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका देते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों—सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देब और प्रकाश चिक बड़ाईक ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बंगाल इकाई के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं के पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की और इसे बीजेपी के लिए एक बड़ी खुशी और मजबूती की बात बताया।
”ममता सरकार में मिलीं जान से मारने की धमकियां” — सुखेंदु शेखर रे
बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने टीएमसी सरकार और बंगाल के माहौल पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरजी कर (RG Kar) मेडिकल कॉलेज की घटना का जिक्र करते हुए कहा:
सच बोलने की मिली सजा: सुखेंदु शेखर रे ने कहा, “देश के 800 सांसदों में से मैं अकेला था जिसने सार्वजनिक रूप से मांग की थी कि आरजी कर घटना के सबूतों से छेड़छाड़ को देखते हुए तत्कालीन पुलिस कमिश्नर और मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को कस्टडी में लेकर पूछताछ होनी चाहिए। ऐसा बोलने पर मुझे एक ही दिन में दो-दो नोटिस भेजकर लालबाजार (पुलिस मुख्यालय) बुलाया गया।”
अपहरण और हत्या का डर: उन्होंने आगे सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा, “इसके बाद लगातार तीन-चार महीनों तक मुझे फोन पर जान से मारने और मेरी बेटी व पोती के अपहरण की धमकियां मिलती रहीं। मैं उसी वक्त इस्तीफा दे देता, लेकिन मुझे डर था कि वे मेरी हत्या के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को सुपारी दे सकते हैं। बंगाल में 400 से ज्यादा बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है, वहां ऐसा ही डर और दहशत का माहौल है।”
”बंगाल की जनता सुवेंदु बाबू और पीएम मोदी को 2 साल दे” — सुष्मिता देब
पार्टी में शामिल होने के बाद पूर्व सांसद सुष्मिता देब ने स्पष्ट किया कि वह किसी पद या राज्यसभा सीट की लालच में बीजेपी में नहीं आई हैं। उन्होंने असम और त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा:
”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘डबल-इंजन’ सरकारों वाले राज्यों में जो अभूतपूर्व विकास हुआ है, उसे कोई झुठला नहीं सकता। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों से अपील करना चाहती हूं कि वे मुख्यमंत्री सुवेंदु बाबू और प्रधानमंत्री मोदी को सिर्फ दो साल का वक्त दें। आप देखेंगे कि जिस तरह असम और त्रिपुरा की तस्वीर बदली है, उसी तरह पश्चिम बंगाल की तस्वीर भी पूरी तरह बदल जाएगी।”
केंद्र सरकार के काम से प्रभावित हैं नेता
नेताओं ने कहा कि केंद्र की वर्तमान सरकार अपने घोषणापत्र के हर एजेंडे पर जिस तेजी और जोश के साथ काम कर रही है, उससे आम जनता बेहद खुश है। इसी विकासपरक नीति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विश्वास जताते हुए उन्होंने राष्ट्र निर्माण के इस सफर में बीजेपी के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है।
