हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी: नए प्रभारी के सामने ही भिड़े हुड्डा और सुरजेवाला, वायरल हुआ तीखी बहस का वीडियो
हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी: नए प्रभारी के सामने ही भिड़े हुड्डा और सुरजेवाला, वायरल हुआ तीखी बहस का वीडियो
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बाद अब हरियाणा कांग्रेस की अंदरूनी कलह भी खुलकर सामने आ गई है। चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी संजय दत्त की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान सूबे के दो कद्दावर नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रणदीप सिंह सुरजेवाला के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली। बैठक के भीतर हुई इस बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्रभारी संजय दत्त ने संगठन को मजबूत करने और आगामी रणनीतियों पर चर्चा के लिए हरियाणा कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेशभर के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और विधायकों के साथ कई दौर की बैठकें की थीं, लेकिन इसी मंच पर पार्टी की गुटबाजी उजागर हो गई।
”सुरजेवाला साथ दें तो देखें धमाका” बनाम “20 साल से साथ दे रहा हूं”
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर खुलकर तंज कसे:
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा: “रणदीप सुरजेवाला मेरा साथ दे दें, फिर देखें धमाका।”
रणदीप सिंह सुरजेवाला का पलटवार: “मेरे को 20 साल हो गए आपका साथ देते हुए, अब आपकी बारी आ गई है मेरा साथ देने की।”
बात यहीं नहीं रुकी, सुरजेवाला ने दीपेंद्र हुड्डा को टोकते हुए यह भी कह दिया कि 56 साल के हरियाणा के इतिहास में कांग्रेस सिर्फ 3 बार अपने दम पर बहुमत ला पाई है। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि वोट प्रतिशत से कोई फर्क नहीं पड़ता, यह बताओ कि सरकार बनाने के लिए जरूरी 46 विधायक आए या नहीं।
हुड्डा ने दी सफाई: “सुरजेवाला हमारा अजीज है”
बैठक का वीडियो वायरल होने और तनातनी की खबरें तेज होने के बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मामले को शांत करने की कोशिश की। जब पत्रकारों ने उनसे इस गुटबाजी पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इसे महज एक मजाक बताया। हुड्डा ने कहा:
”ऐसी कोई (मनमुटाव वाली) बात नहीं है। वह सब सिर्फ मजाक की बातें थीं, सुरजेवाला हमारा अजीज है।”
बैठक में मौजूद थे कई दिग्गज नेता
इस महत्वपूर्ण बैठक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और दीपेंद्र हुड्डा के अलावा कुमारी सैलजा, बीरेन्द्र सिंह सहित राज्य के कई कांग्रेस विधायक, सांसद और वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे। हरियाणा कांग्रेस के आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करना था, लेकिन वरिष्ठ नेताओं की इस जुबानी जंग ने हाईकमान की चिंताओं को जरूर बढ़ा दिया है।
