बीजेपी के संभावित दो-तिहाई बहुमत पर पृथ्वीराज चव्हाण की चिंता, बोले- “संविधान और हिंदू राष्ट्र को लेकर जो करना है, अभी करना होगा”
बीजेपी के संभावित दो-तिहाई बहुमत पर पृथ्वीराज चव्हाण की चिंता, बोले- “संविधान और हिंदू राष्ट्र को लेकर जो करना है, अभी करना होगा”
मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संभावित दो-तिहाई बहुमत को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संसद में ऐसा भारी बहुमत देश की राजनीति के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। चव्हाण का मानना है कि यदि बीजेपी को दो-तिहाई बहुमत मिल जाता है, तो वह अपनी राजनीतिक और वैचारिक प्राथमिकताओं को बेहद तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी।
”2029 के चुनाव पर भरोसा नहीं, जो करना है अभी करना होगा”
पृथ्वीराज चव्हाण ने संविधान और हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर सीधा हमला बोलते हुए कहा:
”अगर दो-तिहाई बहुमत है, तो कुछ भी किया जा सकता है। बीजेपी को 2029 के आगामी चुनावों को लेकर पूरा भरोसा नहीं है। इसलिए उन्हें जो भी करना है—चाहे हिंदू राष्ट्र बनाना हो, संविधान बदलना हो या संविधान तोड़ना हो—वह सब अभी (इसी कार्यकाल में) करना होगा। इसके लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है और अगर उन्हें यह मिल गया, तो देश के लिए बहुत घातक होगा।”
चव्हाण के इस बयान को बीजेपी की भविष्य की रणनीतियों और विचारधारा पर कांग्रेस का अब तक का सबसे तीखा हमला माना जा रहा है।
डिलीमिटेशन (परिसीमन) को लेकर भी जताई आशंका
पूर्व मुख्यमंत्री ने लोकसभा सीटों के पुनर्गठन यानी डिलीमिटेशन (Delimitation) के मुद्दे पर भी अपनी आशंकाएं जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस उम्मीद में समर्थन करने की बात कहते हैं कि डिलीमिटेशन के मुद्दे के आधार पर चीजें तय होंगी, लेकिन हकीकत यह है कि एक बार जब आप झुंड में शामिल हो जाते हैं, तो फिर वही करना पड़ता है जो सत्ता पक्ष को ठीक लगता है।
चव्हाण की इस टिप्पणी के बाद राज्य और देश के राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। आगामी चुनावों और संसद के सत्रों से पहले कांग्रेस-बीजेपी के बीच चल रहे कूटनीतिक टकराव में यह बयान एक नया मोड़ ले सकता है।
