Friday, July 10, 2026
Latest:
राजनीति

शंकराचार्य से मुलाकात के बाद अखिलेश का सनातन और गौ माता पर जोर, भाजपा बोली- ‘चुनावी ढोंग’

शंकराचार्य से मुलाकात के बाद अखिलेश का सनातन और गौ माता पर जोर, भाजपा बोली- ‘चुनावी ढोंग’

लखनऊ: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की “गविष्टि धर्मयुद्ध यात्रा” के लखनऊ पहुंचने पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विमर्श शुरू हो गया है। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का समर्थन किया। इस मुलाकात को लेकर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है।

अखिलेश यादव ने लिया शंकराचार्य का आशीर्वाद

मंगलवार को लखनऊ में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से अखिलेश यादव की मुलाकात हुई। मुलाकात के दौरान अखिलेश ने शंकराचार्य की गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की मांग का पूरा समर्थन किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि गौवंश की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। गौ सेवा करने वाले लोग परेशान हैं और सनातनी समाज दुखी है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, “इस सरकार ने गौ माता की सेवा करने वालों को तकलीफें, मुश्किलें और महंगाई दी है।”

मुलाकात में गौवंश संरक्षण, सनातन समाज से जुड़े मुद्दों और प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

SIT जांच पर भी सवाल

अखिलेश यादव ने कुछ मामलों की जांच कर रही SIT (Special Investigation Team) पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे “लीपापोती” बताते हुए कहा कि SIT पर खुद सवाल खड़े हो गए हैं। एक सदस्य पर 420 का मुकदमा होने का जिक्र करते हुए अखिलेश ने इसे “दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई” करार दिया। उन्होंने कहा कि “सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना चाहिए”।

भाजपा का तीखा पलटवार

मुलाकात के बाद भाजपा ने तेज प्रतिक्रिया दी। भाजपा प्रवक्ता आलोक अवस्थी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन धर्म का लगातार अपमान करने वाली, राम मंदिर आंदोलन के दौरान रामभक्तों की हत्या कराने वाली, श्रीरामचरितमानस को फड़वाने वाली और शंकराचार्य जी को वाराणसी में पिटवाने वाली पार्टी का अध्यक्ष अब चुनाव नजदीक देखकर चरणों में बैठने का ढोंग कर रहा है।

आलोक अवस्थी ने अखिलेश यादव को “तुष्टिकरण की पराकाष्ठा” का आरोप भी लगाया।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

इस मुलाकात को आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सनातन धर्म, गौ संरक्षण और हिंदुत्व विमर्श से जोड़कर देखा जा रहा है। सपा इसे धार्मिक-सामाजिक संवाद बता रही है, जबकि भाजपा इसे साफ तौर पर चुनावी अवसरवाद करार दे रही है।

शंकराचार्य की “गविष्टि धर्मयुद्ध यात्रा” उत्तर प्रदेश में सनातन मूल्यों और गौवंश संरक्षण के मुद्दे को केंद्र में ला रही है, जिससे प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

(यह खबर उपलब्ध जानकारी और बयानों पर आधारित है।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *