घरेलू हिंसा मामले में सपना चौधरी को अदालत से अंतरिम राहत, पति के संपर्क पर लगी रोक
घरेलू हिंसा मामले में सपना चौधरी को अदालत से अंतरिम राहत, पति के संपर्क पर लगी रोक
नई दिल्ली: हरियाणा की मशहूर डांसर, सिंगर और अभिनेत्री Sapna Choudhary को घरेलू हिंसा मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें अंतरिम सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके पति यशवीर साहू के खिलाफ कई प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
द्वारका कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगली सुनवाई तक यशवीर साहू किसी भी माध्यम से सपना चौधरी से संपर्क नहीं करेंगे। इसके अलावा उन्हें सपना के घर, कार्यस्थल और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम, फिल्म प्रीमियर या अन्य पेशेवर आयोजनों में जाने से भी रोक दिया गया है।
यह आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निधि सिंह ने सपना चौधरी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उन्हें वैवाहिक जीवन के दौरान घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा और भविष्य में ऐसी घटनाओं के दोहराए जाने की आशंका बनी हुई है।
याचिका के अनुसार, वैवाहिक विवादों के कारण सपना चौधरी को अपना ससुराल छोड़ना पड़ा और वह फिलहाल दिल्ली के नजफगढ़ स्थित अपने मायके में रह रही हैं।
सुनवाई के दौरान सपना चौधरी की ओर से अधिवक्ता प्रीति सिंह ने अदालत को बताया कि 10 जून को उनकी फिल्म ‘मोमाकू’ का प्रीमियर निर्धारित है, जिसमें उनकी उपस्थिति आवश्यक है। उन्होंने आशंका जताई कि उनके पति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर हंगामा, धमकी या किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न कर सकते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और पेशेवर जिम्मेदारियां प्रभावित हो सकती हैं।
अदालत ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, कथित चोटों की तस्वीरों और ऑडियो रिकॉर्डिंग समेत प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर मानते हुए सपना चौधरी को अंतरिम सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख निर्धारित की है। तब तक अदालत द्वारा जारी सुरक्षा और प्रतिबंध संबंधी आदेश प्रभावी रहेंगे।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अंतिम निष्कर्ष अदालत के अंतिम निर्णय के बाद ही सामने आएगा।
