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‘हमने ढूंढ निकाला…’: ईरान की पहाड़ियों में फंसे अमेरिकी पायलट का ट्रंप ने किया रेस्क्यू, बताया कैसी है हालत

ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद नाटकीय और साहसिक रेस्क्यू मिशन की जानकारी साझा की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पुष्टि की है कि ईरान में गिरे अमेरिकी लड़ाकू विमान के दूसरे क्रू मेंबर (पायलट) को सुरक्षित निकाल लिया गया है।

‘हमने ढूंढ निकाला…’: ईरान की पहाड़ियों में फंसे अमेरिकी पायलट का ट्रंप ने किया रेस्क्यू, बताया कैसी है हालत

वॉशिंगटन/तेहरान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के दुर्गम पहाड़ी इलाके में एक बेहद जटिल ऑपरेशन चलाकर अपने लापता जांबाज पायलट (कर्नल रैंक के अधिकारी) को सुरक्षित बचा लिया है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी इतिहास के “सबसे साहसिक खोज और बचाव अभियानों (Search and Rescue Operations) में से एक” करार दिया है।

“Safe and Sound”: कैसी है पायलट की हालत?

ट्रंप ने अपने संदेश में ‘WE GOT HIM!’ (हमने उसे पा लिया) लिखते हुए पायलट की स्थिति पर जानकारी दी:

* सुरक्षित हैं: राष्ट्रपति ने बताया कि पायलट अब पूरी तरह सुरक्षित (Safe and Sound) है।

* चोटें आई हैं: ऑपरेशन के दौरान या विमान गिरने के बाद पायलट को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि “वह बिल्कुल ठीक हो जाएंगे” (He will be just fine)।

* दुश्मन कर रहा था पीछा: ट्रंप के अनुसार, यह जांबाज कर्नल ईरान की खतरनाक पहाड़ियों में ‘दुश्मन’ (ईरानी सेना) द्वारा घेरे जा रहे थे, जो हर घंटे उनके करीब पहुंच रहे थे।

ऑपरेशन की बड़ी बातें

इस रेस्क्यू मिशन को अंजाम देने के लिए अमेरिकी सेना ने पूरी ताकत झोंक दी थी:

* दर्जनों विमानों का इस्तेमाल: ट्रंप ने बताया कि उनके निर्देश पर दर्जनों लड़ाकू विमानों और घातक हथियारों से लैस हेलिकॉप्टरों को पायलट को वापस लाने के लिए भेजा गया था।

* 24 घंटे निगरानी: व्हाइट हाउस, रक्षा सचिव और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ 24 घंटे पायलट की लोकेशन को मॉनिटर कर रहे थे।

* कोई हताहत नहीं: इस पूरे ऑपरेशन के दौरान एक भी अमेरिकी सैनिक के मारे जाने या घायल होने की खबर नहीं है।

दो दिन तक क्यों साधी चुप्पी?

गौरतलब है कि यह F-15E स्ट्राइक ईगल विमान शुक्रवार को गिरा था। पहले क्रू मेंबर को शुक्रवार को ही बचा लिया गया था, लेकिन ट्रंप ने रविवार तक इसकी पुष्टि नहीं की। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

“हमने पहले पायलट के रेस्क्यू की पुष्टि इसलिए नहीं की थी ताकि दूसरे अधिकारी (कर्नल) के रेस्क्यू मिशन को कोई खतरा न पहुंचे।”

यह सैन्य इतिहास में एक दुर्लभ घटना है जब दो पायलटों को अलग-अलग, दुश्मन के इलाके के काफी भीतर से सफलतापूर्वक निकाला गया है। वर्तमान में रेस्क्यू किए गए अधिकारी को इलाज के लिए कुवैत ले जाया गया है।

नोट: यह घटनाक्रम अप्रैल 2026 में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध जैसी स्थितियों के संदर्भ में है।

 

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