INDIA गठबंधन का महामंथन: कल दिल्ली में 23 दलों की अहम बैठक, AAP की दूरी और DMK के बहिष्कार से बदले समीकरण
INDIA गठबंधन का महामंथन: कल दिल्ली में 23 दलों की अहम बैठक, AAP की दूरी और DMK के बहिष्कार से बदले समीकरण
हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजों और राज्यों में तेजी से बदले राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्ष का INDIA (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) गठबंधन एक बार फिर अपनी रणनीति को धार देने की तैयारी में है। सोमवार, 8 जून 2026 को देश की राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में गठबंधन की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक (महामंथन) बुलाई गई है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के अनुसार, इस बैठक के लिए 23 विपक्षी दलों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है। हालांकि, बैठक की शुरुआत से पहले ही गठबंधन के भीतर की अंदरूनी कलह और विरोधाभास भी खुलकर सामने आ गए हैं।
इन तीन बड़े घटनाक्रमों पर टिकी हैं सबकी नजरें
विपक्षी एकजुटता के इस बड़े मंच पर तीन मुख्य राजनीतिक घटनाक्रम इस समय सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बने हुए हैं:
1. आम आदमी पार्टी (AAP) ने बनाई दूरी
आम आदमी पार्टी ने पहले ही सार्वजनिक रूप से ऐलान कर दिया है कि वह अब इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है। हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद ‘आप’ ने इस बैठक से पूरी तरह दूरी बना ली है और उनके किसी भी नेता के इसमें शामिल होने की संभावना नहीं है।
2. DMK का कड़ा रुख और बैठक का बहिष्कार
गठबंधन को सबसे बड़ा झटका तमिलनाडु से लगा है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद, द्रमुक (DMK) ने कांग्रेस पर ‘विश्वासघात’ करने का आरोप लगाते हुए बैठक का पूरी तरह बहिष्कार (Boycott) करने का फैसला किया है।
क्यों नाराज है DMK?: तमिलनाडु में चुनाव के बाद कांग्रेस ने द्रमुक नीत गठबंधन से अलग होकर टीवीके (TVK) गठबंधन सरकार का समर्थन किया है। DMK नेताओं का कहना है कि कांग्रेस के इस कदम से पार्टी के कार्यकर्ता बेहद आहत हैं, जिसके चलते उन्होंने इस बैठक में शामिल न होने का कड़ा निर्णय लिया है।
3. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सक्रियता और ममता बनर्जी का दिल्ली दौरा
इन सब उठापटक के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ इस बैठक में भाग लेने के लिए रविवार को ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं। टीएमसी इस बैठक का पुरजोर समर्थन कर रही है। दिल्ली दौरे के दौरान ममता बनर्जी अपनी पार्टी की अंदरूनी स्थिति और पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद उपजी राजनीतिक परिस्थितियों पर भी अन्य नेताओं से गहन चर्चा करेंगी।
किन मुद्दों पर होगा मंथन?
भले ही कुछ बड़े दल इस बैठक से बाहर हैं, लेकिन कांग्रेस का दावा है कि विपक्षी दल केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ पूरी तरह एकजुट हैं। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है:
चुनावी हार की समीक्षा: हालिया विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों को मिली हार और राज्यों के बदलते चुनावी गणित पर आत्ममंथन।
संसद में साझा रणनीति: आगामी संसदीय सत्र के दौरान बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ एक मजबूत संयुक्त रणनीति तैयार करना।
गठबंधन का भविष्य: सहयोगी दलों के बीच आपसी मतभेदों (जैसे केरल में कांग्रेस-सीपीआईएम विवाद और तमिलनाडु में कांग्रेस-डीएमके विवाद) को सुलझाकर आगे का रास्ता निकालना।
इस महामंथन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उद्धव ठाकरे जैसे दिग्गज नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि आंतरिक कलह से जूझ रहा INDIA ब्लॉक इस बैठक के जरिए कोई नया और ठोस विकल्प देश के सामने रख पाता है या नहीं।
