पेपर लीक पर बड़ा एक्शन: दिल्ली में बनी विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट, जस्टिस अनु ग्रोवर बलीगा होंगी जज
पेपर लीक पर बड़ा एक्शन: दिल्ली में बनी विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट, जस्टिस अनु ग्रोवर बलीगा होंगी जज
नई दिल्ली: देशभर में परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले करीब एक महीने से चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार और न्यायपालिका ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने पेपर लीक मामलों की जल्द सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में एक विशेष फास्ट ट्रैक अदालत का गठन किया है।
जस्टिस अनु ग्रोवर बलीगा संभालेंगी कमान
दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जस्टिस अनु ग्रोवर बलीगा को इस विशेष अदालत का जज नामित किया गया है।
नया पदनाम: वे “विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) (CBI)-25, विशेष रूप से नामित फास्ट ट्रैक कोर्ट” के रूप में पदभार संभालेंगी।
अधिकार क्षेत्र: यह अदालत सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और नीट (NEET) लीक जैसे मामलों की विशेष रूप से सुनवाई करेगी।
कौन हैं जस्टिस अनु ग्रोवर बलीगा?
वर्ष 1969 में जन्मी जस्टिस बलीगा दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा (DHJS) की वरिष्ठ सदस्य हैं और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए जानी जाती हैं:
करियर सफर: उन्होंने वर्ष 2000 में दिल्ली न्यायिक सेवा से करियर की शुरुआत की। वे द्वारका, साकेत कमर्शियल कोर्ट और राउज एवेन्यू सीबीआई कोर्ट में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
त्वरित न्याय की पहचान: दिल्ली हाई कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने महज एक महीने में 18 मामलों का निपटारा करने का रिकॉर्ड बनाया था। वर्तमान में वे तीस हजारी कोर्ट के मध्यस्थता केंद्र की प्रभारी जज थीं।
सरकार लाएगी नया कड़ा कानून
जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और निरंतर प्रदर्शनों के बीच सरकार ने अपना रुख सख्त कर लिया है।
पीएम मोदी का बयान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक में शामिल दोषियों को कड़ी और त्वरित सजा दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
संसद में विधेयक: सरकार संसद में एक नया विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है, जिसमें कड़े दंड और फास्ट ट्रैक अदालतों के वैधानिक प्रावधान शामिल होंगे।
