IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामला: लालू परिवार की बढ़ीं मुश्किलें; राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू, राबड़ी और तेजस्वी समेत 9 के खिलाफ तय किए आरोप
IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामला: लालू परिवार की बढ़ीं मुश्किलें; राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू, राबड़ी और तेजस्वी समेत 9 के खिलाफ तय किए आरोप
नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने IRCTC होटल आवंटन और LARA प्रोजेक्ट्स से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत 9 आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। वहीं, अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में 7 अन्य आरोपियों को मामले से बरी (Discharge) कर दिया है।
1. कोर्ट की सख्त टिप्पणी और सुनवाई की अगली तारीख
आरोप तय करने की तिथि: विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने की अदालत ने सभी 9 आरोपियों को औपचारिक रूप से आरोप तय करने की प्रक्रिया के लिए 3 अक्टूबर 2026 को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
कोर्ट का अवलोकन: अदालत ने मौखिक टिप्पणियों में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पद का दुरुपयोग कर सार्वजनिक संपत्ति और लाभ के बदले ‘अपराध की कमाई’ (Proceeds of Crime) जनरेट की गई, जिसका लाभ लालू परिवार द्वारा उठाया जा रहा है।
राजनीतिक द्वेष का तर्क खारिज: कोर्ट ने रक्षा पक्ष की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें जांच को राजनीति से प्रेरित बताया गया था। अदालत ने कहा कि जांच के समय और तथ्यों से ऐसा नहीं लगता कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से किया गया है।
2. आरोपी और बरी हुए व्यक्तियों की सूची
जिन 9 पर तय हुए आरोप:
लालू प्रसाद यादव
राबड़ी देवी
तेजस्वी यादव
पी.सी. गुप्ता (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
सरला गुप्ता
विजय कोचर (डायरेक्टर, सुजाता होटल्स)
विनय कोचर (डायरेक्टर, सुजाता होटल्स)
M/s लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी
M/s सुजाता होटल्स
बरी (Discharge) हुए 7 लोग: लालू यादव के दामाद राहुल यादव, गौरव गुप्ता, नथ मल कानकारनिया, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, राजीव रेलन और अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड को इस मामले में राहत मिली है।
3. क्या है पूरा IRCTC घोटाला?
होटल टेंडर में गड़बड़ी (2004-2009): यह मामला 2004 से 2009 के दौरान का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे के रांची और पुरी स्थित BNR होटलों के रखरखाव और संचालन का ठेका नियमों को ताक पर रखकर ‘सुजाता होटल्स’ को दिया गया था।
जमीन के बदले ठेका : सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) की जांच के अनुसार, इस टेंडर के बदले में पटना में स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की कीमती जमीन बेहद कम दाम (सर्किल रेट से काफी नीचे) में लालू परिवार से जुड़ी शेल कंपनियों (LARA Projects) के नाम ट्रांसफर कराई गई थी। ईडी ने बाद में इसी जमीन और शेयर ट्रांसफर को मनी लॉन्ड्रिंग का जरिया मानते हुए PMLA के तहत मामला दर्ज किया था।
