यूसुफ पठान का इस्तीफा और ममता बनर्जी का चुनाव? टीएमसी सांसद और सौरव गांगुली ने वीडियो जारी कर बताई अफवाहों की सच्चाई
यूसुफ पठान का इस्तीफा और ममता बनर्जी का चुनाव? टीएमसी सांसद और सौरव गांगुली ने वीडियो जारी कर बताई अफवाहों की सच्चाई
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की बहरामपुर लोकसभा सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने और मौजूदा सांसद यूसुफ पठान के इस्तीफे की खबरों पर आखिरकार खुद टीएमसी सांसद ने विराम लगा दिया है। सोशल मीडिया और मीडिया चैनलों पर लगातार चल रही अटकलों के बीच, यूसुफ पठान ने एक वीडियो जारी कर इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। वहीं, इस मामले में मध्यस्थता करने के आरोपों पर पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली ने भी अपना कड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है।
”ममता बनर्जी ने मुझसे कभी नहीं कहा इस्तीफा देने को” – यूसुफ पठान
पूर्व क्रिकेटर और बहरामपुर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद यूसुफ पठान ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनके इस्तीफे की खबरें पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी हैं। यूसुफ पठान ने वीडियो में कहा:
”हैलो दोस्तों, मैं आप सभी से कुछ साझा करना चाहता हूं। काफी समय से यह खबर वायरल हो रही है कि ममता बनर्जी ने मुझसे बहरामपुर लोकसभा सांसद पद से इस्तीफा देने को कहा है, ताकि वह वहां से लोकसभा चुनाव लड़ सकें। मैं साफ कर दूं कि दीदी (ममता बनर्जी) ने मुझे ऐसा कभी नहीं कहा। हमारी पिछली बैठक में भी ऐसी कोई बात नहीं हुई, और न ही उन्होंने किसी आधिकारिक पार्टी नेता के जरिए मुझे ऐसा कोई संदेश भिजवाया है।”
यूसुफ पठान ने नाराजगी जाहिर करते हुए आगे कहा कि यह पूरी तरह गलत है। मुझे दुख है कि इस तरह की कोई आधिकारिक खबर या फैसला नहीं है, फिर भी सोशल मीडिया और तमाम मीडिया संस्थानों में इस पर बिना वजह चर्चा और बहस चल रही है।
सौरव गांगुली ने भी दावों को बताया पूरी तरह झूठा
इस पूरे राजनीतिक ड्रामे में पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली का नाम भी घसीटा जा रहा था। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सौरव गांगुली ने ममता बनर्जी के कहने पर यूसुफ पठान से संपर्क किया था और उन तक सीट छोड़ने का संदेश पहुंचाया था, जिसे यूसुफ पठान ने ठुकरा दिया।
इन दावों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सौरव गांगुली ने 6 जून 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। गांगुली ने कहा:
4 जून को प्रकाशित रिपोर्ट में किए गए सभी दावे और आरोप पूरी तरह निराधार और झूठे हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनसे कभी भी यूसुफ पठान तक किसी भी प्रकार का राजनीतिक संदेश पहुंचाने के लिए नहीं कहा।
उन्होंने खुद भी कभी यूसुफ पठान से इस विषय या किसी अन्य राजनीतिक मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं की है।
गांगुली ने जोर देकर कहा कि वह किसी भी स्तर पर राजनीतिक मामलों या संबंधित व्यक्तियों के बीच किसी भी तरह की मध्यस्थता में शामिल नहीं रहे हैं और उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
इस दोहरे स्पष्टीकरण के बाद बहरामपुर सीट को लेकर चल रहा सियासी हाई-ड्रॉमा फिलहाल शांत होता नजर आ रहा है और यह साफ हो गया है कि यूसुफ पठान बहरामपुर के सांसद बने रहेंगे।
