2 बसें, 120 सांसद और गांधी स्मृति तक मार्च… छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी
2 बसें, 120 सांसद और गांधी स्मृति तक मार्च… छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के करीब 120 सांसदों ने गुरुवार को NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में गांधी स्मृति पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। यह मार्च छात्रों के समर्थन में विपक्ष की एकजुटता और अहिंसक विरोध का प्रतीक बन गया।
राहुल गांधी के आवास पर INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक के बाद दो बसों में सवार होकर सांसद तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति की ओर रवाना हुए। दिल्ली पुलिस की भारी नाकाबंदी और बसों की अड़चन के बावजूद विपक्षी सांसद शांतिपूर्वक आगे बढ़े। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई प्रमुख नेता इस मार्च में शामिल थे।
राहुल गांधी का संदेश
राहुल गांधी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “अभी, INDIA गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं। हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान देनी पड़ी। साथ ही उन घायल छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जिन्हें न्याय की मांग करने पर पीटा गया। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके साथ है।”
गांधी स्मृति पहुंचकर राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या इसी जगह हुई थी, और आज मोदी सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है तथा छात्रों पर अत्याचार कर रही है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और माफी की मांग की।
पृष्ठभूमि
यह विरोध NEET-UG परीक्षा पेपर लीक, जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और NSA लागू किए जाने के खिलाफ है। विपक्ष ने भारत गेट पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद गांधी स्मृति को चुना, जो अहिंसक ‘गांधीगिरी’ का प्रतीक है।
INDIA गठबंधन के कई दलों के सांसद — जैसे NCP (SP), सपा, JMM, CPI और RJD — इस मार्च में शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी राहुल गांधी के आवास के बाहर भारी संख्या में जुटकर समर्थन दिखाया।
यह घटना संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष की सक्रियता को रेखांकित करती है, जहां NEET विवाद प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
छात्रों का संदेश साफ है — विपक्ष उनके साथ खड़ा है!
