CJP प्रोटेस्ट के बीच सरकार का बड़ा एक्शन, शिक्षा मंत्रालय के सचिव विनीत जोशी को पद से हटाया, IAS नरेश पाल गंगवार को मिली जिम्मेदारी
CJP प्रोटेस्ट के बीच सरकार का बड़ा एक्शन, शिक्षा मंत्रालय के सचिव विनीत जोशी को पद से हटाया, IAS नरेश पाल गंगवार को मिली जिम्मेदारी
NEET पेपर लीक विवाद और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटा दिया गया है।
सरकार के आदेश के अनुसार, विनीत जोशी (1992 बैच, मणिपुर कैडर) को अब पंचायती राज मंत्रालय का सचिव बनाया गया है। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार (1994 बैच, राजस्थान कैडर) को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। गंगवार फिलहाल पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव हैं।
इसके अलावा, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव पद पर टी.के. अनिल कुमार (1995 बैच, केरल कैडर) की नियुक्ति की गई है।
कब और क्यों हुआ यह बदलाव?
यह फैसला CJP के आह्वान पर देशव्यापी प्रदर्शनों और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आया है। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की ओर से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जोरों पर है। सरकार का यह कदम पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और प्रशासनिक सुधार का संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है।
विनीत जोशी NTA और CBSE से जुड़े विभिन्न पदों पर रह चुके हैं और NEET समेत परीक्षा प्रक्रिया से सीधे जुड़े रहे हैं।
CJP और विपक्ष की प्रतिक्रिया
CJP समर्थक इस बदलाव को अपने आंदोलन का असर मान रहे हैं, लेकिन वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और व्यापक सुधारों की मांग पर अड़े हुए हैं। राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के सांसदों ने भी कल गांधी स्मृति मार्च के जरिए छात्रों के साथ एकजुटता जताई थी।
सरकार ने पहले ही पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स बनाने का ऐलान किया है, लेकिन विपक्ष इसे अपर्याप्त बता रहा है।
यह प्रशासनिक बदलाव NEET विवाद के समाधान की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, लेकिन छात्र आंदोलन अभी जारी है। सरकार पर पूर्ण जवाबदेही और परीक्षा सुधार की प्रक्रिया तेज करने का दबाव बढ़ गया है।
छात्रों का भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता अभी भी सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
