सोनम वांगचुक ने आखिरकार खत्म किया अपना अनशन, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद लिया फैसला
NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
सोनम वांगचुक ने CJP आंदोलन के समर्थन में जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे थे। आज देर शाम बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ हुई बैठक के बाद उन्होंने अनशन तोड़ दिया।
क्या हुआ बैठक में?
बैठक में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक रोकने के लिए ठोस कदम और छात्रों की मांगों पर चर्चा हुई। सोनम वांगचुक ने बाद में कहा कि सरकार ने सकारात्मक आश्वासन दिया है, इसलिए उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला किया। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील भी की।
यह घटना पीएम मोदी के देर रात छात्रों को दिए गए वीडियो संदेश और शिक्षा मंत्रालय में सचिव स्तर के फेरबदल के ठीक बाद हुई है।
पृष्ठभूमि
सोनम वांगचुक लद्दाख में पर्यावरण और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने हाल के दिनों में NEET पेपर लीक, परीक्षा सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर तेजी से आवाज उठाई थी। उनका अनशन छात्र आंदोलन को और मजबूती दे रहा था।
CJP आंदोलन अभी भी जारी है। विपक्ष और छात्र संगठन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और व्यापक सुधारों की मांग पर अड़े हुए हैं।
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने से छात्र आंदोलन में नई दिशा मिलने की उम्मीद है, लेकिन मुख्य मांगें अभी भी लंबित हैं।
