छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी: जंगल से 2 प्रेशर कुकर IED और पाइप बम बरामद, नक्सलियों का बड़ा जखीरा तबाह
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी: जंगल से 2 प्रेशर कुकर IED और पाइप बम बरामद, नक्सलियों का बड़ा जखीरा तबाह
दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के तोडमा गांव के घने जंगलों से सुरक्षा बलों ने न सिर्फ कई तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों (IED) को बरामद कर निष्क्रिय किया, बल्कि भारी मात्रा में प्रतिबंधित माओवादी सामग्रियों का एक बड़ा जखीरा भी जब्त किया है। पुलिस अधिकारियों ने रविवार 7 जून 2026 को इस सफल ऑपरेशन की जानकारी साझा की।
संयुक्त तलाशी अभियान में मिली सफलता
सटीक खुफिया जानकारी (इंटेलिजेंस इनपुट) के आधार पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक बटालियन और दंतेवाड़ा पुलिस के नागरिक बल ने मिलकर रविवार सुबह 6:00 बजे एक संयुक्त तलाशी अभियान (सर्च ऑपरेशन) शुरू किया था। इस विशेष अभियान का नेतृत्व सेकंड-इन-कमांड अधिकारी विक्रांत वर्मा और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव कर रहे थे।
जंगल में आगे बढ़ते हुए सुबह लगभग 8:40 बजे सुरक्षा बलों को कुछ संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जवानों ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और बम निरोधक दस्ते (BDS) को मौके पर बुलाया।
मौके पर ही उड़ाए गए 3 खतरनाक बम
बम निरोधक दस्ते की गहन जांच में सामने आया कि नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने के लिए वहां विस्फोटक छिपा रखे थे। मौके से:
5-5 लीटर क्षमता वाले दो प्रेशर कुकर आईईडी (IED)
एक 10 किलोग्राम वजनी बेहद खतरनाक पाइप बम
इन तीनों ही घातक उपकरणों को सुरक्षा बलों की टीम ने विशेष तकनीकी प्रक्रियाओं का उपयोग करते हुए जंगल में ही सफलतापूर्वक निष्क्रिय (Defuse) कर नष्ट कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और जवानों की जान बच गई।
हथियारों, बारूद और नक्सली वर्दी का बड़ा जखीरा बरामद
बमों को नष्ट करने के बाद जब सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी ली, तो माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा गया विस्फोटकों और सैन्य साजो-सामान का एक विशाल भंडार हाथ लगा। बरामद की गई प्रमुख वस्तुओं की सूची इस प्रकार है:
हथियार और गोला-बारूद: एक .303 राइफल, एक एयर राइफल, बीजीएल, मैगज़ीन, चार्जर क्लिप, 12 बोर का गोला-बारूद, खाली कारतूस के खोल और दो खाली खोलों के साथ एक 51 मिमी का बम।
विस्फोटक सामग्री: 128 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 48 गैर-इलेक्ट्रिक विस्फोटक, शॉक-वेव डेटोनेटर, बारूद, कॉर्डेक्स तार और पटाखे।
इलेक्ट्रॉनिक और कम्यूनिकेशन उपकरण: बैटरी के साथ वायरलेस सेट, टेलीफोन तार, बिजली की घंटियाँ, एक मल्टीमीटर, कैमरा फ्लैश, इलेक्ट्रिक कंट्रोल यूनिट, इलेक्ट्रिक स्विच और 35 बारह-वोल्ट की बैटरियां।
अन्य सामग्रियां: दूरबीन, नक्सलियों की हरी वर्दी, गोला-बारूद रखने वाले पाउच, लड़ाकू बेल्ट (कॉम्बैट बेल्ट) और रोजमर्रा के इस्तेमाल का अन्य सामान।
इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में नक्सली साहित्य भी बरामद किया गया है, जिससे उनकी आगामी वैचारिक और रणनीतिक रूपरेखा की जानकारी मिलती है।
बस्तर में स्थायी शांति की ओर बढ़ते कदम
इस बेहद संवेदनशील और बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद सभी जवान सुरक्षित रूप से अपने कैंप वापस लौट आए हैं। पुलिस ने बरामद सामग्रियों को जब्त कर आगे की कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों और हथियारों का मिलना यह दर्शाता है कि विद्रोही इलाके में किसी बड़ी हिंसक वारदात की साजिश रच रहे थे। आईईडी को समय रहते निष्क्रिय करना और उनके संसाधनों को जब्त करना बस्तर संभाग में नक्सली नेटवर्क और उनके ढांचे को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।
