Monday, June 8, 2026
राष्ट्रीय

पटना कोचिंग युद्ध: टॉपर्स की खरीद-फरोख्त, हॉस्टल हमले और फायरिंग के आरोप! खान सर बनाम रोशन आनंद की तीखी दुश्मनी की पूरी कहानी

पटना कोचिंग युद्ध: टॉपर्स की खरीद-फरोख्त, हॉस्टल हमले और फायरिंग के आरोप! खान सर बनाम रोशन आनंद की तीखी दुश्मनी की पूरी कहानी

पटना, 7 जून 2026: बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग उद्योग में छिड़ी सनसनीखेज जंग अब पुलिस, गिरफ्तारियों, छात्र आंदोलन और सोशल मीडिया बहस का विषय बन गई है। लोकप्रिय शिक्षक खान सर (खान ग्लोबल स्टडीज) और उनके प्रतिद्वंद्वी रोशन आनंद (ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी) के बीच चल रही दुश्मनी ने हिंसक रूप ले लिया है। टॉपर्स की कथित खरीद, कोचिंग हब पर कब्जे की कोशिशें और हॉस्टल के जरिए हमलों जैसे आरोपों ने पूरे मामले को और उलझा दिया है।

घटना का क्रम: 2 जून की रात का हमला

2 जून की रात करीब 10 बजे मुसल्लहपुर हाट इलाके में खान सर की कोचिंग पर 15-20 लोगों के एक गुट ने हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने परिसर में तोड़फोड़ की, पोस्टर फाड़े और सिक्योरिटी गार्ड की पिटाई की। खान सर ने शुरू में दावा किया कि गोलीबारी भी हुई, लेकिन पुलिस ने बाद में इसे खारिज कर दिया।

घटना के बाद खान सर ने स्पष्ट रूप से ज्ञान बिंदु कोचिंग और रोशन आनंद पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सस्ती फीस और बेहतर रिजल्ट्स के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में उनके संस्थान से हजारों छात्रों के चयन के बाद यह तनाव और बढ़ गया।

पुलिस कार्रवाई और पलटा

पुलिस ने खान सर की शिकायत पर रोशन आनंद समेत तीन लोगों (अभिषेक और गौरव) को गिरफ्तार किया और न्यायिक हिरासत में भेजा।

बाद में खान सर के दो गार्डों को भी हिरासत में लिया गया, जिन पर फायरिंग के आरोप में केस दर्ज हुआ। गार्डों ने पूछताछ में खान सर के निर्देश पर हवा में फायरिंग करने की बात कबूली।

रोशन आनंद ने आरोपों से इनकार किया और इसे साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि वे घटना के समय मौजूद भी नहीं थे।

दुश्मनी की जड़ें: पुरानी रंजिश और प्रतिस्पर्धा

दोनों शिक्षकों के बीच तनाव नया नहीं है। खान सर सस्ती फीस (कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) के मॉडल के लिए मशहूर हैं, जबकि रोशन आनंद की ज्ञान बिंदु भी पटना के कोचिंग हब में मजबूत पकड़ रखती है।

मुख्य आरोप:

टॉपर्स की खरीद: दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सफल छात्रों को आकर्षित करने या “खरीदने” के आरोप लगाते रहे हैं।

कोचिंग हब पर कब्जा: मुसल्लहपुर जैसे इलाके में दबदबा बनाने की कोशिश।

हॉस्टल हमले: छात्रावासों के जरिए एक-दूसरे के छात्रों को प्रभावित करने या धमकाने के आरोप।

बैनर-होर्डिंग और विज्ञापन को लेकर भी पुरानी तनातनी रही है।

छात्रों का गुस्सा और प्रतिक्रिया

घटना के बाद हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए। उन्होंने खान सर की सुरक्षा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। रोशन आनंद की गिरफ्तारी के विरोध में भी प्रदर्शन हुए। छात्रों का कहना है कि इस जंग का असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है।

बिहार सरकार ने कोचिंग संस्थानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर अंकुश लगाने के लिए नीति बनाने का ऐलान किया है।

दोनों पक्षों की स्थिति

खान सर अपने संस्थान के सकारात्मक योगदान (कम फीस, अच्छे रिजल्ट) पर जोर देते हैं। रोशन आनंद इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताते हैं। पुलिस जांच जारी है और CCTV फुटेज, हथियारों की फॉरेंसिक जांच आदि से सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

यह मामला बिहार के कोचिंग उद्योग की कट्टर प्रतिस्पर्धा को उजागर करता है, जहां सफलता के साथ-साथ दुश्मनी भी बढ़ रही है। छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे पढ़ाई पर फोकस करें और ऐसी जंग से दूर रहें।

अपडेट: स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आगे की जांच रिपोर्ट आने पर और खुलासे हो सकते हैं।

यह खबर तथ्यों पर आधारित है। दोनों पक्षों के दावों की जांच चल रही है।

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