तमिलनाडु की सियासत गरमाई: ‘पूर्व सहयोगियों की दया पर चल रही है विजय की सरकार, जल्द करेंगे इसका अंत’ – एमके स्टालिन का TVK पर करारा हमला
तमिलनाडु की सियासत गरमाई: ‘पूर्व सहयोगियों की दया पर चल रही है विजय की सरकार, जल्द करेंगे इसका अंत’ – एमके स्टालिन का TVK पर करारा हमला
चेन्नई: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। डीएमके (DMK) अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सत्तारूढ़ ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। स्टालिन ने दावा किया है कि अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय (थलापति विजय) की मौजूदा सरकार केवल डीएमके के उन पूर्व सहयोगियों की “दया और बैसाखी” पर टिकी है, जिन्होंने द्रमुक गठबंधन के तहत चुनाव जीता था। इसके साथ ही स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इस सरकार का अंत करने का संकल्प लेने का आह्वान किया है।
”हमारी दया और कृपा पर चल रही है मौजूदा सरकार”
चेन्नई में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम में, जहां एक हजार से अधिक अन्नाद्रमुक (AIADMK) कार्यकर्ता और नेता डीएमके में शामिल हुए, एमके स्टालिन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:
”मौजूदा सरकार हमारे पूर्व गठबंधन सहयोगियों की दया और कृपा पर काम कर रही है। चुनाव के समय ये सभी दल चाहते थे कि डीएमके की जीत हो और हमारी सरकार बने। चुनाव नतीजों के बाद जब गठबंधन सहयोगियों के नेताओं ने मुझसे मिलकर पाला बदलने और टीवीके (TVK) को समर्थन देने की इच्छा जताई, तो मैंने उनसे कहा था कि यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। मैंने उन्हें रोका नहीं, क्योंकि मैं उस समय राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता, राष्ट्रपति शासन या भाजपा के परोक्ष शासन का रास्ता नहीं खोलना चाहता था।”
”डीएमके जल्द ही सत्ता में शानदार वापसी करेगी”
स्टालिन ने स्पष्ट किया कि डीएमके ने अब तक इस नई सरकार को अस्थिर करने का कोई कदम इसलिए नहीं उठाया क्योंकि वे राज्य की जनता पर असमय चुनाव नहीं थोपना चाहते थे। लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। स्टालिन ने कहा कि जनता के बीच इस सरकार की स्थिरता को लेकर अभी से चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि यह सरकार 3 या 6 महीने भी टिक पाएगी या नहीं। उन्होंने अपने कैडरों को पूरी ताकत से जुटने को कहा और भरोसा जताया कि डीएमके बहुत जल्द राज्य की सत्ता में शानदार वापसी करेगी।
क्या थे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक समीकरण?
हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे राज्य की राजनीति को हिलाकर रख दिया था। चुनाव में किसी भी एक दल को पूर्ण बहुमत (118 सीटें) नहीं मिला था, जिसके बाद गठबंधन के सहारे सरकार का गठन हुआ:
तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK): अभिनेता विजय की नई पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी और 108 सीटें जीतीं (बहुमत से 10 सीटें दूर)।
डीएमके (DMK) गठबंधन: पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले इस मोर्चे को कुल 73 सीटें मिलीं। इसमें अकेले डीएमके को 59, कांग्रेस को 5, सीपीआई को 2, सीपीआई-एम को 2, वीसीके को 2, आईयूएमएल को 2 और डीएमडीके को 1 सीट हासिल हुई थी।
अन्नाद्रमुक (AIADMK) गठबंधन: इस मोर्चे को 53 सीटों से संतोष करना पड़ा, जिसमें एआईएडीएमके को 47, पीएमके को 4, बीजेपी को 1 और एएमएमके को 1 सीट मिली।
नतीजों के बाद, डीएमके गठबंधन का हिस्सा रहीं वामपंथी पार्टियों (CPI, CPI-M), वीसीके, आईयूएमएल और गठबंधन से अलग हुई कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए टीवीके (TVK) को अपना समर्थन दे दिया। इसी बाहरी समर्थन के दम पर थलापति विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जिसे अब एमके स्टालिन ने डीएमके की “उदारता और बैसाखी” करार दिया है।
