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उत्तर भारत में आफत की बारिश! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय, इन राज्यों में ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’

उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते अगले कुछ दिनों के लिए भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।

उत्तर भारत में आफत की बारिश! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय, इन राज्यों में ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’

भीषण गर्मी की आहट के बीच उत्तर भारत के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विभाग के अनुसार, दो सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण 3 और 4 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम अपने चरम पर रहेगा। इसके प्रभाव से न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ओले गिरने की भी संभावना है।

कहां-कहां दिखेगा असर?

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर निम्नलिखित क्षेत्रों में देखा जाएगा:

* जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: कश्मीर घाटी में 3 अप्रैल (आज) को भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की चेतावनी दी गई है।

* हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड: इन पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटों तक मध्यम से भारी बारिश और कई स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) का अलर्ट है।

* पंजाब, हरियाणा और राजस्थान: इन मैदानी इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

* दिल्ली-NCR: देश की राजधानी में आज आसमान में बादल छाए रहेंगे और शाम तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जन और बिजली कड़कने की संभावना है।

तापमान में आएगी भारी गिरावट

इस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण उत्तर भारत के शहरों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को फिलहाल बढ़ रही गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन किसानों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि खड़ी फसलों (विशेषकर गेहूं) को ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है।

IMD की ओर से जारी सलाह

* यात्रा से बचें: पहाड़ी इलाकों (हिमाचल और उत्तराखंड) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

* सुरक्षित स्थान पर रहें: बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न रुकें।

* किसानों के लिए चेतावनी: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है।

अगला अपडेट: मौसम विभाग के अनुसार, 5 अप्रैल से इस सिस्टम का असर धीरे-धीरे कम होने लगेगा और 7 अप्रैल के आसपास एक नया (हल्का) विक्षोभ फिर से दस्तक दे सकता है।

 

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