सावधान! टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल आपको कर सकता है बीमार: हार्वर्ड विशेषज्ञों की चेतावनी
डिजिटल युग में स्वच्छता को लेकर कई पुरानी धारणाएं बदल रही हैं। हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों और अन्य स्वास्थ्य शोधकर्ताओं ने टॉयलेट पेपर के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिसे हम स्वच्छता का पैमाना मानते हैं, वह वास्तव में कई बीमारियों की जड़ हो सकता है।
यहाँ विस्तार से बताया गया है कि टॉयलेट पेपर का उपयोग आपके स्वास्थ्य के लिए क्यों हानिकारक हो सकता है:
सावधान! टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल आपको कर सकता है बीमार: हार्वर्ड विशेषज्ञों की चेतावनी
ज्यादातर पश्चिमी देशों और अब भारत के शहरी इलाकों में टॉयलेट पेपर का चलन बढ़ गया है। लेकिन हार्वर्ड के शोधकर्ताओं के अनुसार, यह केवल “गंदगी को फैलाने” का काम करता है, उसे पूरी तरह साफ नहीं करता।
1. ‘PFAS’ जैसे खतरनाक केमिकल्स का खतरा
हालिया शोध में पाया गया है कि टॉयलेट पेपर को नरम और सफेद बनाने के लिए कई तरह के केमिकल्स और PFAS (Per- and polyfluoroalkyl substances) का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें ‘फॉरएवर केमिकल्स’ कहा जाता है क्योंकि ये शरीर और पर्यावरण में कभी खत्म नहीं होते। इनसे कैंसर, लिवर की बीमारी और थायराइड जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
2. एनल फिशर और बवासीर (Hemorrhoids)
टॉयलेट पेपर सूखा और खुरदरा हो सकता है। हार्वर्ड के विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार रगड़ने से गुदा मार्ग (anal area) की संवेदनशील त्वचा पर छोटे-छोटे कट लग सकते हैं, जिन्हें एनल फिशर कहा जाता है। इसके अलावा, अत्यधिक रगड़ से सूजन आ सकती है जो आगे चलकर बवासीर का रूप ले लेती है।
3. यूटीआई (UTI) और इंफेक्शन
विशेष रूप से महिलाओं के लिए टॉयलेट पेपर का गलत दिशा में इस्तेमाल (पीछे से आगे की ओर) खतरनाक हो सकता है। इससे मल में मौजूद बैक्टीरिया मूत्र मार्ग तक पहुँच सकते हैं, जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
4. त्वचा में जलन और एलर्जी
टॉयलेट पेपर में इस्तेमाल होने वाली खुशबू (Fragrance) और ब्लीचिंग एजेंट त्वचा पर एलर्जी, खुजली और जलन पैदा कर सकते हैं। चिकित्सा भाषा में इसे ‘प्रूरिटस एनी’ (Pruritus ani) कहा जाता है।
क्या है बेहतर विकल्प?
विशेषज्ञों और डॉक्टरों की सलाह है कि स्वच्छता के लिए पानी का इस्तेमाल सबसे सुरक्षित और प्रभावी है:
* बिडेट (Bidet) का उपयोग: आधुनिक टॉयलेट में बिडेट या हैंड शावर का उपयोग करें। यह न केवल त्वचा के प्रति कोमल है, बल्कि बैक्टीरिया को पूरी तरह साफ करने में भी सक्षम है।
* पानी और सूखापन: पानी से धोने के बाद उस हिस्से को हल्के हाथ से थपथपाकर सुखाना सबसे सही तरीका है।
प्रोफेसर का निष्कर्ष: टॉयलेट पेपर केवल गंदगी को पोंछता है, उसे साफ नहीं करता। पानी का उपयोग न केवल बीमारियों से बचाता है बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर है क्योंकि टॉयलेट पेपर बनाने के लिए हर साल लाखों पेड़ काटे जाते हैं।
