उत्तराखंड वेदर अपडेट: 4 अप्रैल तक बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट; पर्वतीय जिलों में बदलेगा मौसम का मिजाज
उत्तराखंड में चिलचिलाती गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। अगले चार दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहने वाला है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
उत्तराखंड वेदर अपडेट: 4 अप्रैल तक बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट; पर्वतीय जिलों में बदलेगा मौसम का मिजाज
उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के लिए 4 अप्रैल तक का ताजा वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते अगले कुछ दिनों तक मैदानी इलाकों में रिमझिम बारिश और ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव का सीधा असर बढ़ते तापमान पर पड़ेगा।
1. आज का हाल (31 मार्च): ऊंचाइयों पर हिमपात
आज राज्य के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है। विशेष रूप से 3300 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने की संभावना है। मैदानी जिलों में भी बादलों की गर्जना के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
2. अप्रैल की शुरुआत: उत्तरकाशी से पिथौरागढ़ तक बारिश
* 1 अप्रैल (बुधवार): नए महीने की शुरुआत भी बारिश के साथ होगी। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश का पूर्वानुमान है। शेष जिलों में मौसम शुष्क बना रह सकता है।
* 2 अप्रैल: इस दिन सभी पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और 3300 मीटर से ऊंचे स्थानों पर बर्फबारी होगी। हालांकि, मैदानी इलाकों में धूप खिले रहने की संभावना है।
3. 3 और 4 अप्रैल को बढ़ेगा असर
* 3 अप्रैल: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। अन्य पहाड़ी जिलों में भी ऊंचाई वाले स्थानों पर हिमपात होगा।
* 4 अप्रैल: इस दिन बारिश का दायरा बढ़ेगा। राज्य के सभी पहाड़ी जिलों में मध्यम बारिश होगी, जबकि मैदानी जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने की प्रबल संभावना है।
4. तापमान पर पड़ेगा असर
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं होगी। बारिश और पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में भी चल रही गर्म हवाओं से राहत मिलेगी और पारा नियंत्रित रहेगा।
यात्रियों के लिए सलाह: चारधाम यात्रा रूट और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटक और स्थानीय निवासी मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं, क्योंकि बर्फबारी और बारिश के कारण दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है और ठंड बढ़ सकती है।
सावधानी बरतें और अपडेट रहें।
