अन्तर्राष्ट्रीय

समुद्र से आसमान तक बारूद की गंध: ईरान के खिलाफ ट्रंप का ‘अंतिम प्रहार’ प्लान तैयार, 21 युद्धपोतों ने संभाला मोर्चा

वेस्ट एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान युद्ध अब अपने 31वें दिन में प्रवेश कर चुका है। तनाव चरम पर है और अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी और मजबूत कर दी है। अमेरिकी मीडिया और पेंटागन के सूत्रों के अनुसार, पूरे युद्ध क्षेत्र में अमेरिका के 21 भारी युद्धपोत, डेस्ट्रॉयर, असॉल्ट शिप और एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान को घेरकर खड़े हैं। इनमें से 10 युद्धपोत अरब सागर में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास तैनात हैं, जबकि 3 युद्धपोत पर्शियन गल्फ में खार्ग द्वीप के करीब मौजूद हैं।

USS ट्रिपोली की तैनाती

अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक असॉल्ट शिप USS ट्रिपोली लगभग 3,500 मरीन कमांडो के साथ मिडिल ईस्ट पहुंच चुका है। यह तैनाती जमीनी ऑपरेशन की आशंका को और बढ़ा रही है। पेंटागन सीमित जमीनी हमले (खासकर विशेष बल रेड) की तैयारी में जुटा हुआ है।

ट्रंप का ‘अंतिम प्रहार’ प्लान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट तुरंत नहीं खोला गया तो अमेरिका खार्ग द्वीप (ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र), तेल कुओं, पावर प्लांट्स और डेसालिनेशन प्लांट्स पर भारी हमले कर सकता है। ट्रंप ने पहले 5 दिन और फिर 10 दिन (अब 6 अप्रैल 2026 तक) की मोहलत दी है।

ट्रंप का मुख्य प्लान:

15-पॉइंट शांति प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ईरान को भेजा गया, जिसमें परमाणु कार्यक्रम सीमित करना, मिसाइल क्षमता कम करना, होर्मुज खोलना और प्रतिबंधों में राहत शामिल है।

अगर बातचीत असफल रही तो सीमित जमीनी ऑपरेशन (मरीन कमांडो द्वारा खार्ग द्वीप या रणनीतिक ठिकानों पर रेड)।

होर्मुज में नौसेना एस्कॉर्ट: अमेरिका खुद और सहयोगी देशों के युद्धपोतों से तेल टैंकरों की सुरक्षा।

ईरान की नौसेना को लगभग तबाह कर दिया गया — ट्रंप ने दावा किया कि 9 ईरानी युद्धपोत डुबो दिए गए हैं।

ईरान का रुख

ईरान ने अमेरिकी 15-पॉइंट प्लान को खारिज कर दिया है और अपना जवाब दिया है। ईरान ने चेतावनी दी कि कोई भी अमेरिकी सैनिक उसके क्षेत्र में घुसा तो “नर्क में स्वागत” होगा। हूतियों ने भी युद्ध में सक्रिय होकर इजराइल पर हमले तेज कर दिए हैं।

वर्तमान स्थिति

अमेरिकी बिल्डअप: दो एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (USS अब्राहम लिंकन और USS जेराल्ड आर. फोर्ड) सहित दर्जनों डेस्ट्रॉयर, सबमरीन और फाइटर जेट्स तैनात।

होर्मुज पर असर: ईरान के ब्लॉकेड के बावजूद कुछ तेल टैंकर (भारतीय LPG सहित) पार कर चुके हैं, लेकिन shipping अभी भी प्रभावित है।

कूटनीति vs सैन्य तैयारी: ट्रंप बातचीत की बात कर रहे हैं, लेकिन पेंटागन ‘फाइनल ब्लो’ की तैयारी में है।

यह स्थिति तेजी से बदल रही है। अमेरिका का यह सबसे बड़ा मिडिल ईस्ट बिल्डअप 2003 के इराक युद्ध के बाद का सबसे बड़ा बताया जा रहा है। तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव है।

नोट: युद्ध की स्थिति अत्यंत संवेदनशील और तेजी से बदल रही है। नवीनतम अपडेट के लिए विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर नजर रखें।

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