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भारतीय रेलवे का बड़ा तोहफा: वीरता पुरस्कार विजेताओं को अब AC कोच में मिलेगा आजीवन ‘फ्री सफर’

भारतीय रेलवे का बड़ा तोहफा: वीरता पुरस्कार विजेताओं को अब AC कोच में मिलेगा आजीवन ‘फ्री सफर’

केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय ने देश के वीर जवानों के सम्मान में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब सेना (Sena), नौसेना (Nau Sena) और वायु सेना (Vayu Sena) के वीरता पदक (Gallantry Medal) विजेताओं को भारतीय रेलवे की ट्रेनों में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस निर्णय का उद्देश्य उन वीर योद्धाओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अदम्य साहस का परिचय दिया है।

किन श्रेणियों में मिलेगा मुफ्त सफर?

सरकारी आदेश के अनुसार, गैलेंट्री अवार्ड विजेताओं को निम्नलिखित कोच श्रेणियों में मुफ्त यात्रा का अधिकार होगा:

* फर्स्ट क्लास (1st Class)

* सेकेंड एसी (2 AC)

* एसी चेयर कार (AC Chair Car)

परिवार को भी मिलेगी बड़ी राहत

सरकार ने इस योजना का दायरा केवल पुरस्कार विजेताओं तक ही सीमित नहीं रखा है, बल्कि उनके परिवारों को भी इसमें शामिल किया है:

* सहयात्री की सुविधा: पुरस्कार विजेता के साथ एक साथी (Companion) भी पूरी तरह मुफ्त यात्रा कर सकेगा।

* जीवनसाथी: शहीद जवानों की विधवाओं या विधुरों को उनके पुनर्विवाह तक यह आजीवन सुविधा मिलती रहेगी।

* माता-पिता: यदि वीरता पुरस्कार मरणोपरांत दिया गया है और पदक विजेता अविवाहित था, तो उसके माता-पिता इस मुफ्त सफर की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

इन पदकों के लिए लागू होगा नियम

अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र विजेताओं तक सीमित थी। लेकिन नए आदेश के बाद अब सेना पदक, नौसेना पदक और वायु सेना पदक (Gallantry) प्राप्त करने वाले जवानों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है।

“यह फैसला हमारे सशस्त्र बलों के उन वीरों के प्रति राष्ट्र का सम्मान है, जो कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। रेलवे और रक्षा मंत्रालय के इस साझा प्रयास से हजारों सैन्य परिवारों को सीधा लाभ होगा— रक्षा अधिकारी (ANI के माध्यम से)

रोजगार में भी प्राथमिकता

मुफ्त यात्रा के साथ-साथ, सरकार ने ‘फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन’ के तहत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को रेलवे में रोजगार के अधिक अवसर देने का भी निर्णय लिया है, ताकि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उनका नागरिक जीवन सुगम हो सके।

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