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‘दुश्मन’ देशों को छोड़कर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर सकते हैं सभी जहाज! ईरान का नया स्टैंड, ट्रंप की धमकी के बीच बड़ा बयान

‘दुश्मन’ देशों को छोड़कर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर सकते हैं सभी जहाज! ईरान का नया स्टैंड, ट्रंप की धमकी के बीच बड़ा बयान

ईरान ने आज स्पष्ट किया कि Strait of Hormuz दुनिया के सभी जहाजों के लिए खुला है, लेकिन ‘दुश्मन’ देशों (खासकर अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगियों) से जुड़े जहाजों और टैंकरों के लिए नहीं। ईरान के प्रतिनिधि ने कहा कि बाकी सभी जहाज सुरक्षित रूप से गुजर सकते हैं, बशर्ते वे तेहरान के साथ सुरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था पर समन्वय करें।

ईरान के IMO (International Maritime Organisation) में स्थायी प्रतिनिधि अली मौसवी ने Mehr News Agency को दिए इंटरव्यू में कहा:

“Strait of Hormuz सभी शिपिंग के लिए खुला है, सिवाय उन जहाजों के जो ‘ईरान के दुश्मनों’ से जुड़े हैं। जहाज तेहरान के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर कोऑर्डिनेट करके गुजर सकते हैं। हम IMO के साथ सहयोग करने को तैयार हैं ताकि गल्फ में समुद्री सुरक्षा बढ़े और सीफेयरर्स की रक्षा हो।”

यह बयान US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की 48 घंटे की अल्टीमेटम के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर स्ट्रेट पूरी तरह (बिना किसी खतरे के) नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को “ओब्लिटरेट” कर देगा — सबसे बड़े से शुरू करके। ट्रंप का डेडलाइन सोमवार शाम तक चल रहा है।

ईरान का जवाब और रणनीति:

पहले ईरान ने स्ट्रेट को डी फैक्टो बंद कर रखा था (खासकर US/इज़राइल से जुड़े जहाजों के लिए), जिससे ट्रैफिक 100 से घटकर सिर्फ 7 वीकली ट्रांजिट रह गया — ज्यादातर ईरानी ऑयल टैंकर।

अब ईरान ने इसे सेलेक्टिव बनाया: न्यूट्रल/फ्रेंडली देशों (जैसे भारत, चीन, एशियाई आयातक) के जहाज गुजर सकते हैं, लेकिन दुश्मन देशों के लिए बंद।

IRGC ने काउंटर-थ्रेट दी: अगर US पावर प्लांट्स पर हमला करता है तो स्ट्रेट को कंपलीटली और इंडेफिनिटली बंद कर देंगे, और रीजन में US-इज़राइल की एनर्जी इंफ्रा (ऑयल, गैस, डिसैलिनेशन प्लांट्स, IT) को टारगेट करेंगे।

कुछ रिपोर्ट्स में ईरान कुछ जहाजों से $2 मिलियन ट्रांजिट फी लेने की बात भी कही गई (अनवेरिफाइड)।

ग्लोबल प्रभाव:

दुनिया का ~20% क्रूड ऑयल और LNG इसी रूट से गुजरता है। सेलेक्टिव बंदी से भी मार्केट्स हिल चुके हैं — क्रूड $115+ पर।

कई देशों (UAE, फ्रांस, जर्मनी आदि) ने ईरान की कार्रवाइयों की निंदा की, लेकिन ट्रैफिक अभी भी बहुत कम।

ईरान का कहना है कि यह पूर्ण ब्लॉकेज नहीं, बल्कि “आत्मरक्षा” है, क्योंकि US-इज़राइल हमले जारी हैं।

ट्रंप की धमकी और ईरान का यह स्टैंड युद्ध को और तेज कर सकता है। क्या अगले 30-40 घंटों में कोई बड़ा हमला होगा या डिप्लोमेसी काम करेगी? दुनिया की नजरें होर्मुज पर टिकी हैं।

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