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परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंचा महायुद्ध! नतांज-डिमोना टारगेट, रेडिएशन लीक की आशंका नहीं, लेकिन खतरा बढ़ा

परमाणु प्लांट पर हमलों तक पहुंचा महायुद्ध! नतांज-डिमोना टारगेट, रेडिएशन लीक की आशंका नहीं, लेकिन खतरा बढ़ा

US-इज़राइल vs ईरान युद्ध अब परमाणु सुविधाओं पर सीधे हमलों के दौर में पहुंच गया है, जिससे वैश्विक परमाणु संकट की आशंका गहरा गई है। युद्ध के 23वें दिन दोनों तरफ से न्यूक्लियर साइट्स को टारगेट किया गया, लेकिन अभी तक किसी भी जगह से रेडियोएक्टिव लीक की पुष्टि नहीं हुई है। IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) जांच में जुटी हुई है।

क्या हुआ आज?

ईरान का दावा: US-इज़राइल ने आज सुबह नतांज (Natanz) न्यूक्लियर एनरिचमेंट कॉम्प्लेक्स पर हमला किया — ईरान का मुख्य यूरेनियम संवर्धन केंद्र। ईरानी एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि कुछ बिल्डिंग्स को नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई रेडियोएक्टिव लीक नहीं हुआ और आसपास के निवासियों को खतरा नहीं।

इज़राइल का जवाब: IDF ने हमले की जानकारी से इनकार किया, लेकिन ईरान ने इसे बदला मानते हुए दक्षिणी इज़राइल में डिमोना (Dimona) और अराद (Arad) पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। डिमोना में इज़राइल का शिमोन पेरेज नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर (परमाणु हथियारों से जुड़ा माना जाता है) स्थित है — यह पहली बार है जब इस साइट के इतने करीब हमला हुआ।

नुकसान: डिमोना-अराद में 100+ लोग घायल (कुछ गंभीर), दर्जनों इमारतें तबाह। इज़राइल के एयर डिफेंस सिस्टम (आयरन डोम) ने कई मिसाइलें रोकीं, लेकिन कम से कम 2-3 घुसीं। ईरान ने क्लस्टर मुनिशन और लॉन्ग-रेंज मिसाइलों का इस्तेमाल किया।

ट्रंप की धमकी जारी:

ट्रंप ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है — होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खोलो, वरना ईरान के पावर प्लांट्स (शुरुआत सबसे बड़े से) को “ओब्लिटरेट” कर देंगे। ईरान ने काउंटर-थ्रेट दी: अगर पावर प्लांट्स पर हमला हुआ तो स्ट्रेट को इंडेफिनिटली बंद कर देंगे, और रीजन में US-इज़राइल की एनर्जी इंफ्रा (ऑयल, गैस, डिसैलिनेशन प्लांट्स) को टारगेट करेंगे।

वैश्विक चिंता:

IAEA ने दोनों साइट्स की जांच शुरू की — अभी कोई रेडिएशन लीक नहीं, लेकिन अगर न्यूक्लियर रिएक्टर या एनरिचमेंट सेंटर्स को गंभीर नुकसान हुआ तो चेरनोबिल जैसी स्थिति बन सकती है।

रूस, चीन ने हमलों की निंदा की, कहा “यह परमाणु आपदा का खतरा है”।

ऑयल कीमतें $115+ पर, होर्मुज बंदी से ग्लोबल संकट गहरा।

नेतन्याहू ने कहा: “ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम खत्म करना जरूरी, दुनिया एकजुट हो।”

यह युद्ध अब सिर्फ सैन्य नहीं, परमाणु खतरे वाला बन चुका है। अगर अगले 48 घंटों में कोई बड़ा हमला हुआ तो स्थिति और बेकाबू हो सकती है। दुनिया सांस थामे देख रही है — क्या यह महायुद्ध परमाणु युद्ध में बदल जाएगा?

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