राजनीति

राज्यसभा में विदाई के भावुक क्षण: ‘मोहब्बत हमसे, शादी मोदी जी से’, खरगे के तंज पर सदन में गूंजे ठहाके

राज्यसभा में विदाई के भावुक क्षण: ‘मोहब्बत हमसे, शादी मोदी जी से’, खरगे के तंज पर सदन में गूंजे ठहाके

राज्यसभा में बुधवार का दिन भावुकता और हास्य के अनूठे संगम का गवाह बना। अवसर था सदन से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सदस्यों की विदाई का, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने अनुभवों और चुटीले अंदाज से माहौल को यादगार बना दिया।

खरगे का ‘मोहब्बत और शादी’ वाला तंज

सदन को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के साथ अपने 54 साल पुराने रिश्तों को याद किया। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में देवेगौड़ा और पीएम मोदी के गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा:

“पता नहीं बाद में क्या हो गया… वह मोहब्बत तो हमारे साथ किए, लेकिन शादी मोदी साहब के साथ कर ली।”

खरगे के इस मजाकिया बयान पर प्रधानमंत्री मोदी समेत पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। खरगे ने आगे कहा कि राजनीति में कोई वास्तव में रिटायर नहीं होता, क्योंकि राष्ट्र सेवा की भावना व्यक्ति को हमेशा सक्रिय रखती है।

प्रधानमंत्री ने बताया— ‘संसद एक ओपन यूनिवर्सिटी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदाई ले रहे सांसदों के योगदान की सराहना करते हुए संसद को एक ‘ओपन यूनिवर्सिटी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यहाँ का अनुभव किसी भी डिग्री से बड़ा है। पीएम ने जोर देकर कहा:

* राजनीति में पूर्णविराम नहीं: “सार्वजनिक जीवन में ‘फुल स्टॉप’ जैसी कोई चीज नहीं होती। आपका अनुभव राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा रहेगा।”

* सदाबहार अठावले: पीएम ने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का जिक्र करते हुए उन्हें ‘सदाबहार’ बताया और कहा कि उनके रहने से सदन में कभी खालीपन महसूस नहीं होता।

वरिष्ठों से सीखने की सलाह

पीएम मोदी ने नए सांसदों से अपील की कि वे मल्लिकार्जुन खरगे, एचडी देवेगौड़ा और शरद पवार जैसे दिग्गज नेताओं से संसदीय आचरण सीखें, जिन्होंने अपने जीवन के कई दशक इस सदन को दिए हैं। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि ये सदस्य भाग्यशाली हैं जिन्होंने पुरानी और नई, दोनों संसद इमारतों में काम किया है।

विदाई का गणित

बता दें कि अप्रैल से जुलाई के बीच कुल 59 सांसद राज्यसभा से रिटायर हो रहे हैं। विदाई के इस मौके पर सदन की कार्यवाही के दौरान पक्ष-विपक्ष की कड़वाहट गायब दिखी और सभी ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान प्रकट किया।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *