असम में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं: नगांव MP प्रद्युत बोरदोलोई BJP में शामिल, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा पलायन!
असम में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ीं: नगांव MP प्रद्युत बोरदोलोई BJP में शामिल, विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा पलायन!
असम विधानसभा चुनावों से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। नगांव लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार (17 मार्च 2026) को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था, और आज (18 मार्च 2026) उन्होंने गुवाहाटी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और BJP प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया की मौजूदगी में BJP की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस कदम से असम में कांग्रेस की स्थिति और कमजोर हो गई है, खासकर ऊपरी असम और नगांव क्षेत्र में जहां बोरदोलोई की अच्छी पकड़ मानी जाती है।
इस्तीफे और BJP जॉइनिंग की वजह क्या?
प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस से इस्तीफा देते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र में कहा कि उन्हें पार्टी में लगातार अपमान और अलगाव का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा, “कोई एक वजह नहीं है। मुझे घुटन महसूस हो रही थी… मेरा हमेशा अनादर किया जा रहा था।” बोरदोलोई असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के करीबी सहयोगी रहे हैं और 2001 से 2015 तक असम सरकार में उद्योग, वाणिज्य, सार्वजनिक उद्यम और बिजली जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस में टिकट वितरण और आंतरिक कलह ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया। BJP में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि वह असम के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
कांग्रेस को कितना नुकसान?
यह इस्तीफा असम कांग्रेस के लिए दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा भी BJP में शामिल हो चुके हैं। असम में BJP पहले से ही सत्ता में है, और बोरदोलोई जैसे प्रभावशाली नेता का आना पार्टी को नगांव, डिब्रूगढ़ और चाय उत्पादन वाले इलाकों में मजबूती देगा। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने शुरुआत में इस्तीफे की खबर को ‘फेक न्यूज’ बताया था, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि बोरदोलोई ने न सिर्फ कांग्रेस छोड़ी बल्कि BJP का दामन थाम लिया। असम विधानसभा चुनाव अप्रैल-मई 2026 में होने वाले हैं, और यह घटना सियासी समीकरण बदल सकती है।
BJP की प्रतिक्रिया
असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बोरदोलोई का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव से BJP और मजबूत होगी। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने भी कांग्रेस पर तंज कसा कि वहां ‘चापलूसियों का बोलबाला है’ और गांधी परिवार के अलावा किसी को महत्व नहीं दिया जाता।
यह सियासी पलायन पूर्वोत्तर राज्यों में BJP की बढ़ती ताकत को दर्शाता है। क्या आपको लगता है कि यह असम चुनावों पर असर डालेगा? कमेंट में बताएं!
