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मुंद्रा पोर्ट पहुंचा 46,000 टन LPG लेकर जहाज ‘शिवालिक’; ईरान से 550 भारतीयों का रेस्क्यू सफल

भारतीय कूटनीति की बड़ी जीत के बाद, ईंधन संकट से जूझ रहे देश के लिए आज राहत की पहली खेप पहुंच गई है। मुंद्रा पोर्ट पर जहाजों के स्वागत और ईरान से भारतीयों की सुरक्षित निकासी की पूरी रिपोर्ट यहाँ दी गई है:

मुंद्रा पोर्ट पहुंचा 46,000 टन LPG लेकर जहाज ‘शिवालिक’; ईरान से 550 भारतीयों का रेस्क्यू सफल

अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ‘होरमुज जलडमरूमध्य’ पार करने वाला पहला भारतीय गैस टैंकर ‘शिवालिक’ आज 16 मार्च 2026 को सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने युद्ध क्षेत्र में फंसे सैकड़ों भारतीयों को थल मार्ग के जरिए सुरक्षित निकालने में बड़ी सफलता हासिल की है।

1. शिवालिक की सुरक्षित वापसी: ऊर्जा सुरक्षा को संजीवनी

शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) का टैंकर ‘शिवालिक’ लगभग 46,000 मीट्रिक टन कुकिंग गैस (LPG) लेकर पहुंचा है।

* अगला जहाज: दूसरा टैंकर ‘नंदा देवी’ भी इतनी ही मात्रा में एलपीजी लेकर कल (17 मार्च) कांडला बंदरगाह पहुंचेगा।

* सप्लाई चैन: इन दो जहाजों के पहुंचने से देश में पिछले 15 दिनों से जारी रसोई गैस की किल्लत में भारी कमी आने की उम्मीद है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इन जहाजों के लिए “प्रायोरिटी बर्थिंग” (बिना देरी खाली करने) के आदेश दिए हैं।

2. ईरान से भारतीयों का बड़ा रेस्क्यू (ऑपरेशन शुरू)

विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि युद्ध की विभीषिका के बीच फंसे भारतीयों को निकालने के लिए कूटनीतिक गलियारे का सफल उपयोग किया गया है।

* 550 भारतीय सुरक्षित: अब तक लगभग 550 भारतीय नागरिकों को ईरान-आर्मेनिया सीमा के जरिए सड़क मार्ग से सुरक्षित निकाला गया है।

* आर्मेनिया का सहयोग: विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने इस जटिल रेस्क्यू में मदद के लिए आर्मेनिया सरकार का आभार व्यक्त किया है।

* छात्रों और तीर्थयात्रियों की वापसी: तेहरान में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित शहरों में स्थानांतरित किया गया है, जबकि 284 तीर्थयात्रियों में से कई भारत लौट चुके हैं।

3. ‘होर्मुज डील’ के पीछे की कूटनीति

विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय जहाजों को रास्ता देने के पीछे एक विशेष कूटनीतिक रणनीति रही:

* “Government Vessel” सिग्नल: इन टैंकरों ने AIS (ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम) पर खुद को ‘सरकारी जहाज’ के रूप में चिन्हित किया था।

* ईरानी दूत का बयान: भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने कहा कि “भारत और ईरान दोस्त हैं और हमने भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश की है।”

प्रमुख आंकड़े (16 मार्च 2026 तक)

| विवरण                                 | संख्या/स्थिति |

| ईरान से निकाले गए भारतीय      | 550+ (आर्मेनिया.                                                    के.जरिए) |

| युद्ध शुरू होने के बाद कुल वापसी | लगभग 2,20,000|

| आज की एलपीजी खेप             | 46,000 मीट्रिक टन.                                                  (शिवालिक) |

| अगली खेप                           | 46,700 मीट्रिक टन.                                                 (नंदा देवी – कल) |

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