राजनीति

शरद पवार का बड़ा यू-टर्न: राज्यसभा से पहले ‘ना’, अब ‘हां’ – क्या है असली पावर प्ले?

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार एक बार फिर सुर्खियों में हैं! नवंबर 2024 में 83 वर्षीय दिग्गज नेता ने स्पष्ट कहा था कि अप्रैल 2026 में उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद वे कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे – न लोकसभा, न राज्यसभा। उन्होंने कहा, “मैंने 14 चुनाव लड़ चुके हैं, नई पीढ़ी को मौका देना चाहिए।” यह बयान उनके राजनीतिक रिटायरमेंट का संकेत था, खासकर जब एनसीपी (एसपी) की संख्या कम होने से राज्यसभा में वापसी मुश्किल लग रही थी।

लेकिन अब यू-टर्न! फरवरी 2026 में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बड़ा दावा किया कि शरद पवार राज्यसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। राउत ने कहा, “पवार साहब ने मुझे बताया कि वे राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कांग्रेस को भी अपनी स्थिति बता दी है। महाविकास अघाड़ी (MVA) इस पर चर्चा करेगा।” यह बदलाव महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा पावर प्ले माना जा रहा है!

क्या है इनसाइड स्टोरी और पावर प्ले?

पहले ‘ना’ क्यों?

2024 लोकसभा चुनाव में एनसीपी (एसपी) को महाराष्ट्र में झटका लगा – सीटें कम आईं।

महायुति (बीजेपी+शिवसेना+अजित एनसीपी) की मजबूत स्थिति से MVA के पास राज्यसभा के लिए पर्याप्त विधायक नहीं थे (महाराष्ट्र में 7 सीटें खाली हो रही हैं, लेकिन MVA केवल 1-2 सीट पर दावा कर सकता है)।

शरद पवार ने खुद कहा था कि वे संसद से रिटायर होना चाहते हैं, ताकि सुप्रिया सुले, युवा नेता आगे आएं।

अब ‘हां’ क्यों?

अजित पवार की मौत (जनवरी 2026 में प्लेन क्रैश में) ने एनसीपी (अजित गुट) में खालीपन पैदा किया। महायुति में सुनेत्रा पवार (अजित की पत्नी) डिप्टी सीएम बनीं, लेकिन शरद पवार गुट ने इसे अवसर माना।

एनसीपी दोनों गुटों के विलय की अफवाहें तेज हुईं, लेकिन राउत ने साफ कहा – “विलय संभव नहीं”।

शरद पवार की वापसी MVA को मजबूत करने, विपक्षी एकता दिखाने और महाराष्ट्र में बीजेपी को चुनौती देने का प्ले है। 85 साल की उम्र में भी पवार ‘चाणक्य’ बने रहना चाहते हैं – राज्यसभा से संसद में रहकर रणनीति बनाने का मौका।

संजय राउत का बयान MVA में चर्चा शुरू करने का संकेत है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) समर्थन दे सकते हैं, क्योंकि पवार की मौजूदगी विपक्ष को मजबूती देगी।

चुनौतियां और गणित:

महाराष्ट्र विधानसभा में महायुति के पास 228+ विधायक हैं – राज्यसभा में वे ज्यादा सीटें जीत सकते हैं।

MVA को शरद पवार के लिए एक सीट सुरक्षित करने के लिए गठबंधन में समझौता करना पड़ेगा।

असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं ने तंज कसा – “अभी तमाशा देखिए”।

शरद पवार का यह यू-टर्न न सिर्फ व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा है, बल्कि महाराष्ट्र में MVA को एकजुट रखने और 2029 लोकसभा/विधानसभा के लिए पावर बेस बचाने का मास्टरस्ट्रोक है। क्या वे फिर राज्यसभा पहुंचेंगे? या यह सिर्फ राजनीतिक दबाव बनाने का खेल है? समय बताएगा, लेकिन पवार का ‘पावर प्ले’ जारी है!

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