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Google की नई वॉर्निंग: 40% एंड्रॉयड फोन पर मंडरा रहा मैलवेयर-स्पाइवेयर का खतरा, करोड़ों यूजर्स तुरंत अपडेट करें या नया फोन लें

Google की नई वॉर्निंग: 40% एंड्रॉयड फोन पर मंडरा रहा मैलवेयर-स्पाइवेयर का खतरा, करोड़ों यूजर्स तुरंत अपडेट करें या नया फोन लें

नई दिल्ली: Google ने फरवरी 2026 में एक बड़ी सुरक्षा चेतावनी जारी की है, जिसमें दुनिया भर के करोड़ों एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स को अलर्ट किया गया है। कंपनी के लेटेस्ट Android Distribution चार्ट के अनुसार, दुनियाभर में इस्तेमाल हो रहे 40% से ज्यादा एंड्रॉयड फोन (करीब 1 अरब से अधिक डिवाइस) अब नए मैलवेयर और स्पाइवेयर अटैक्स के गंभीर खतरे में हैं।

खतरे की वजह क्या है?

Google अब Android 12 और उससे पुराने वर्जन के लिए क्रिटिकल सिक्योरिटी अपडेट्स जारी नहीं करता। लेटेस्ट डेटा (दिसंबर 2025 तक) दिखाता है कि:

Android 16: सिर्फ 7.5% फोन पर

Android 15: 19.3%

Android 14: 17.9%

Android 13: 13.9%

कुल मिलाकर केवल 58% फोन ही सपोर्टेड वर्जन (Android 13 या नया) पर चल रहे हैं। बाकी 40%+ फोन असपोर्टेड हैं, जहां कोई सुरक्षा पैच नहीं मिलता, जिससे नए थ्रेट्स से बचाव नामुमकिन हो जाता है। Forbes और अन्य रिपोर्ट्स में इसे 1 अरब+ यूजर्स के लिए बड़ा रिस्क बताया गया है।

तुरंत क्या करें?

अपना Android वर्जन चेक करें: सेटिंग्स > अबाउट फोन > Android वर्जन देखें। अगर Android 12 या पुराना है, तो तुरंत अपग्रेड करें या नया फोन लें।

सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करें: सेटिंग्स > सिस्टम > सिस्टम अपडेट > चेक फॉर अपडेट्स पर जाएं और उपलब्ध अपडेट डाउनलोड करें।

Google Play Protect चालू रखें: Play Store > प्रोफाइल > Play Protect > स्कैन ऑन रखें। यह मैलवेयर को ब्लॉक करता है।

अननोन सोर्स से ऐप्स न इंस्टॉल करें: सिर्फ Google Play Store से ऐप्स डाउनलोड करें।

एंटीवायरस ऐप यूज करें: अगर फोन पुराना है, तो अतिरिक्त सिक्योरिटी ऐप (जैसे Avast, Bitdefender) इंस्टॉल करें।

नया फोन खरीदें अगर जरूरी: सपोर्टेड वर्जन वाले नए मॉडल चुनें, जहां कम से कम 5-7 साल अपडेट्स मिलें।

यह चेतावनी पिछले महीनों में बढ़ते स्पाइवेयर अटैक्स (जैसे Anatsa, Arsink) के बीच आई है, जहां फेक ऐप्स बैंकिंग डिटेल्स चुरा रहे हैं। Google ने यूजर्स को अपग्रेड करने की सलाह दी है, क्योंकि असपोर्टेड फोन पर कोई फिक्स नहीं आएगा।

अगर आपका फोन पुराना है, तो देर न करें—यह आपकी प्राइवेसी, बैंक अकाउंट और पर्सनल डेटा की सुरक्षा का सवाल है!

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