राजनीति

सुनेत्रा पवार संभालेंगी NCP की कमान: बारामती और सरकार में बढ़ा कद, पार्थ के लिए राज्यसभा का प्लान तैयार

सुनेत्रा पवार संभालेंगी NCP की कमान: बारामती और सरकार में बढ़ा कद, पार्थ के लिए राज्यसभा का प्लान तैयार

मुंबई, 3 फरवरी 2026: अजित पवार के दुखद निधन (बारामती प्लेन क्रैश में) के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में बड़ा बदलाव हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार की पत्नी और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार अब पार्टी की राष्ट्रीय कमान संभालेंगी। एनसीपी के अंदरखाने इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है, और जल्द ही औपचारिक ऐलान होने की उम्मीद है। सुनेत्रा पवार पहले से ही राज्य में डिप्टी सीएम हैं और बारामती में उनका कद और मजबूत हो गया है।

सुनेत्रा का बढ़ता कद

पार्टी अध्यक्ष: वर्तमान में प्रफुल्ल पटेल कार्यकारी अध्यक्ष हैं, लेकिन सुनेत्रा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की तैयारी है। पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें समर्थन पत्र दिए हैं।

बारामती में मजबूती: अजित पवार की मौत के बाद बारामती सीट (विधानसभा/लोकसभा) पर सुनेत्रा की पकड़ मजबूत हुई है। वे पहले लोकसभा चुनाव (2024) में बारामती से लड़ी थीं, अब पार्टी उन्हें इस क्षेत्र का मुख्य चेहरा बना रही है।

सरकार में भूमिका: सुनेत्रा ने 31 जनवरी को डिप्टी सीएम की शपथ ली और अजित के अधिकांश विभाग (फाइनेंस को छोड़कर) संभाले। हाल ही में उन्हें पुणे और बीड जिलों का गार्जियन मिनिस्टर भी बनाया गया।

यह फैसला महायुति सरकार (BJP-NCP-शिवसेना) में NCP की स्थिति को मजबूत करता है और अजित पवार के राजनीतिक विरासत को बचाने का प्रयास है। हालांकि, शरद पवार गुट से विलय की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन सुनेत्रा की कमान से यह प्रक्रिया रुकी हुई है।

पार्थ पवार के लिए क्या प्लान?

अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार के लिए पार्टी ने राज्यसभा का रास्ता तैयार किया है:

सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बनने के बाद उनकी राज्यसभा सीट खाली होगी।

सूत्रों के अनुसार, पार्थ को मां की जगह राज्यसभा भेजने की योजना है, ताकि वे राजनीतिक रूप से सक्रिय रहें।

पार्थ ने हाल ही में दादा शरद पवार से मुलाकात की और विलय पर चर्चा की, लेकिन वे अजित गुट के साथ बने रहने के पक्ष में हैं।

छोटे बेटे जय पवार को बारामती बायपोल (अगर जरूरत पड़ी) में उतारने की भी बात चल रही है।

यह रणनीति पवार परिवार की राजनीतिक विरासत को बचाने और NCP को मजबूत रखने की है। हालांकि, शरद पवार गुट से विलय पर सस्पेंस बरकरार है, और सुनेत्रा की कमान से पार्टी में नया संतुलन बन रहा है। स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं कि क्या यह फैसला NCP को एकजुट रख पाएगा या नई चुनौतियां लाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *