कौन हैं वो ‘आयरन लेडी’ नेता जिन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल दे दिया?
कौन हैं वो ‘आयरन लेडी’ नेता जिन्होंने ट्रंप को अपना नोबेल दे दिया?
वो ‘आयरन लेडी’ मारिया कोरिना मचाडो (María Corina Machado) हैं। ये वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता हैं, जिन्हें 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। नोबेल कमिटी ने उन्हें वेनेजुएला में लोकतंत्र, मानवाधिकारों और तानाशाही से शांतिपूर्ण बदलाव की लड़ाई के लिए सम्मानित किया था।
क्या हुआ हाल ही में?
15 जनवरी 2026 को मारिया कोरिना मचाडो ने व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की।
उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार का गोल्ड मेडल ट्रंप को भेंट कर दिया।
ट्रंप ने इसे स्वीकार किया और सोशल मीडिया पर लिखा कि ये “mutual respect” का शानदार इशारा है। उन्होंने मारिया को “wonderful woman” कहा।
मारिया ने कहा कि ये वेनेजुएला के लोगों की तरफ से ट्रंप को “शांति और स्वतंत्रता” के लिए समर्पित है। उन्होंने इसे 200 साल पुरानी घटना से जोड़ा, जब जनरल लाफायेट ने साइमन बोलिवर को जॉर्ज वॉशिंगटन का मेडल दिया था।
लेकिन नोबेल कमिटी ने क्या कहा?
नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी ने स्पष्ट किया कि पुरस्कार का टाइटल (laureate का दर्जा) ट्रांसफर नहीं हो सकता। मेडल बदल सकता है, लेकिन असली नोबेल विजेता मारिया ही रहेंगी। ट्रंप अब आधिकारिक तौर पर नोबेल विजेता नहीं कहलाएंगे, सिर्फ मेडल उनके पास है।
मारिया कोरिना मचाडो कौन हैं?
उम्र: लगभग 58 साल।
पृष्ठभूमि: इंजीनियर और राजनीतिज्ञ। 2011-2014 तक वेनेजुएला की नेशनल असेंबली की सदस्य रहीं।
निकोलस मादुरो सरकार के खिलाफ मजबूत विरोध। उन्हें चुनाव लड़ने से रोका गया, लेकिन वो लोकतंत्र की लड़ाई लड़ती रहीं।
उन्हें ‘आयरन लेडी’ कहा जाता है क्योंकि वो साहस और दृढ़ता की मिसाल हैं, जैसे मार्गरेट थैचर को कहा जाता था।
2025 में नोबेल जीतने के बाद भी उन्होंने पुरस्कार ट्रंप और वेनेजुएला के लोगों को समर्पित किया था, क्योंकि ट्रंप ने मादुरो के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई (जिसमें मादुरो को हटाया गया) का समर्थन किया।
ये घटना काफी चर्चा में है – कुछ इसे राजनीतिक चाल मान रहे हैं, क्योंकि मारिया ट्रंप का समर्थन चाहती हैं ताकि वेनेजुएला में उनकी भूमिका मजबूत हो। ट्रंप को सालों से नोबेल की चाह थी, और अब मेडल तो उनके पास पहुंच गया!
