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ईरान में उबाल: खामेनेई रूस भागने की तैयारी में? विरोध प्रदर्शनों और ट्रंप की धमकी के बीच इंटेलिजेंस रिपोर्ट का सनसनीखेज दावा

ईरान में उबाल: खामेनेई रूस भागने की तैयारी में? विरोध प्रदर्शनों और ट्रंप की धमकी के बीच इंटेलिजेंस रिपोर्ट का सनसनीखेज दावा

तेहरान: ईरान में आर्थिक संकट और महंगाई के खिलाफ चल रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों ने इस्लामिक रिपब्लिक की नींव हिला दी है। इसी बीच ब्रिटिश अखबार ‘द टाइम्स’ ने एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट के हवाले से बड़ा दावा किया है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने ‘प्लान बी’ तैयार कर लिया है – अगर सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को काबू नहीं कर पाए या बगावत कर दें, तो वे अपने करीबी 20 लोगों (परिवार और सहयोगी, जिसमें बेटा मोजतबा भी शामिल) के साथ तेहरान छोड़कर रूस भाग जाएंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, 86 साल के खामेनेई ने विदेशों में संपत्ति, नकदी और एसेट्स जमा कर रखे हैं, ताकि सुरक्षित निकासी हो सके। पूर्व इजरायली इंटेलिजेंस अधिकारी बेनी सब्ती ने कहा, “खामेनेई के लिए रूस ही एकमात्र जगह है, क्योंकि वे पुतिन की प्रशंसा करते हैं और ईरानी-रूसी संस्कृति में समानता मानते हैं।” यह प्लान सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद की तरह है, जो 2024 में विद्रोहियों से बचकर मॉस्को भाग गए थे।

प्रदर्शन क्यों भड़के?

ईरानी रियाल की कीमत डॉलर के मुकाबले आधी हो गई, महंगाई 42% के पार।

बिजली-पानी की किल्लत, बेरोजगारी और सैंक्शंस से जनता त्रस्त।

प्रदर्शन तेहरान से शुरू होकर 25 प्रांतों में फैले, कम से कम 15-16 लोग मारे गए, सैकड़ों गिरफ्तार।

नारे: “मुल्लाहों को भगाओ”, “खामेनेई मुर्दाबाद” तक पहुंच गए।

ट्रंप की धमकी ने बढ़ाई टेंशन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी: “अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारेगा, तो अमेरिका उनकी मदद करेगा। हम लॉक एंड लोडेड हैं!” इससे ईरानी अधिकारियों में हड़कंप मच गया। खामेनेई के सलाहकार अली लारिजानी ने जवाब दिया कि अमेरिकी हस्तक्षेप से पूरे क्षेत्र में अराजकता फैलेगी और अमेरिकी ठिकाने निशाना बनेंगे। खामेनेई ने कहा, “दंगाइयों को सबक सिखाओ, लेकिन प्रदर्शनकारियों से बात करो।” उन्होंने अमेरिका को “धोखेबाज” करार दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले साल इजरायल से 12 दिन की जंग के बाद खामेनेई कमजोर हो गए हैं – शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से। वे बंकर में छिपे रहे और अब सार्वजनिक रूप से कम नजर आ रहे हैं। क्या यह प्रदर्शन 2022 जैसे महिला-नेतृत्व वाले आंदोलन की तरह बड़ा रूप लेगा? या दमन से कुचल दिया जाएगा?

यह दावा इंटेलिजेंस सोर्स पर आधारित है, ईरानी सरकार ने इसे खारिज किया है। ईरान की इस्लामिक क्रांति के 47 साल बाद क्या बड़ा बदलाव आने वाला है? दुनिया की नजरें टिकी हैं!

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