बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा जारी: हिंदू व्यक्ति पर हमला और आगजनी की घटनाएं, कट्टरपंथी तत्वों पर आरोप!
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा जारी: हिंदू व्यक्ति पर हमला और आगजनी की घटनाएं, कट्टरपंथी तत्वों पर आरोप!
ढाका, 1 जनवरी 2026: नए साल की शुरुआत में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं पर हमलों की खबरें फिर सामने आई हैं। दिसंबर 2025 के अंत में कई घटनाएं हुईं, जहां कट्टरपंथी तत्वों पर धारदार हथियारों से हमला और संपत्ति में आग लगाने के आरोप लगे। अंतरिम सरकार के बावजूद कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, और फरवरी 2026 के चुनावों से पहले तनाव बढ़ रहा है।
सबसे चर्चित मामला मयमनसिंह जिले के भालुका में हुआ, जहां 18 दिसंबर को एक हिंदू गारमेंट फैक्ट्री वर्कर दीपु चंद्र दास (27) की भीड़ ने पिटाई कर हत्या कर दी और शव को आग लगा दी। आरोप ब्लास्फेमी (धर्म की निंदा) का था, लेकिन कई रिपोर्ट्स में इसे कट्टरपंथी उन्माद बताया गया। इसी तरह, राजबारी में अमृत मंडल और मयमनसिंह में बजेंद्र बिस्वास जैसे अन्य हिंदू व्यक्तियों की हत्या हुई। पिरोजपुर जिले के दुमरिताला गांव में हिंदू परिवारों के घरों में आग लगाई गई – हमलावरों ने दरवाजे बाहर से लॉक कर दिए, जिससे परिवारों को दीवार तोड़कर भागना पड़ा।
मानवाधिकार संगठनों और बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल के अनुसार, शेख हसीना के जाने के बाद से 2,900 से ज्यादा हमले दर्ज हुए, जिसमें घर जलाना, लूटपाट और मंदिरों पर अटैक शामिल हैं। दिसंबर में ब्लास्फेमी के नाम पर 70 से ज्यादा मामले सामने आए। भारत ने इन घटनाओं को “गंभीर चिंता” करार दिया है, जबकि बांग्लादेश सरकार कुछ को राजनीतिक या आपराधिक बता रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कट्टरपंथी समूह जैसे जमात-ए-इस्लामी के प्रभाव से हिंसा बढ़ी है। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर दबाव है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। कई रिपोर्ट्स में हमलों को संगठित बताया गया, जहां धारदार हथियारों का इस्तेमाल और आगजनी आम है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, यूएन और भारत ने हिंसा की निंदा की है। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय डरा हुआ है, कई परिवार भारत की ओर पलायन की सोच रहे हैं। चुनावों से पहले शांति बहाली जरूरी है, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है। अगर आप बांग्लादेश से जुड़ी अपडेट चाहते हैं, तो आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें – अफवाहों से बचें!
