यक्ष ऐप क्या है? यूपी पुलिस की नई टेक्नोलॉजी, जानें इसकी खास विशेषताएं
यक्ष ऐप क्या है? यूपी पुलिस की नई टेक्नोलॉजी, जानें इसकी खास विशेषताएं
लखनऊ, 28 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय में आयोजित ‘पुलिस मंथन-2025’ सम्मेलन के दौरान यक्ष (YAKSH) ऐप लॉन्च किया। यह ऐप AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और बिग डेटा एनालिटिक्स पर आधारित है, जो पारंपरिक बीट बुक का डिजिटल रूप है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराध रोकथाम को मजबूत करना, निगरानी बढ़ाना और पुलिस की रिस्पॉन्स टाइम कम करना है।
यक्ष ऐप बीट पुलिसिंग को हाईटेक बनाएगा, जहां ग्राउंड लेवल पर पुलिसकर्मी अपराधियों की जानकारी रीयल-टाइम अपडेट कर सकेंगे। यह रिएक्टिव पुलिसिंग से प्रिवेंटिव और प्रेडिक्टिव पुलिसिंग की ओर शिफ्ट करने में मदद करेगा। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि यह ऐप अपराधियों पर नकेल कसने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने में क्रांतिकारी साबित होगा।
यक्ष ऐप की प्रमुख विशेषताएं:
जघन्य अपराधियों का थानावार डेटाबेस: हर थाने के आधार पर हिस्ट्रीशीटर और खतरनाक अपराधियों की पूरी जानकारी, नियमित सत्यापन के साथ।
बीट लेवल वेरिफिकेशन और जवाबदेही: बीट पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी फिक्स, संदिग्धों की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर।
AI आधारित संदिग्ध पहचान: फेशियल रिकग्निशन, फोटो और वॉइस सर्च से तुरंत अपराधी की पहचान।
गैंग लिंक एनालिसिस: गैंग्स के सदस्यों और उनके कनेक्शन का एडवांस्ड एनालिसिस, समूह में काम करने वाले अपराधियों को ट्रैक करना आसान।
वॉइस सर्च और क्राइम GPT: आवाज से सर्च, संवेदनशील इलाकों (जैसे पत्थरबाजी वाले स्पॉट) की मैपिंग।
मूवमेंट अलर्ट और रीयल-टाइम अपडेट: अपराधी की लोकेशन शिफ्ट होने पर अलर्ट, फील्ड से डेटा अपलोड और अवैध गतिविधियों (जुआ, शराब तस्करी) की त्वरित रिपोर्टिंग।
रिस्क बेस्ड स्कोरिंग: अपराधियों को रिस्क लेवल के आधार पर स्कोर, प्राथमिकता तय करने में मदद।
यह ऐप यूपी पुलिस को अपराध नियंत्रण में और प्रभावी बनाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अपराध दर कम होगी और जनता में विश्वास बढ़ेगा। यक्ष ऐप ‘मेक इन इंडिया’ और डिजिटल पुलिसिंग की मिसाल है।
