बांग्लादेश हिंसा पर दिग्विजय सिंह का विवादास्पद बयान: ‘भारत में अल्पसंख्यकों पर कार्रवाई का रिएक्शन’
बांग्लादेश हिंसा पर दिग्विजय सिंह का विवादास्पद बयान: ‘भारत में अल्पसंख्यकों पर कार्रवाई का रिएक्शन’
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बांग्लादेश में चल रही हिंसा पर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ढाका में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के खिलाफ कार्रवाई का ‘रिएक्शन’ हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश में अस्थिरता चरम पर है और भारत-बांग्लादेश संबंध तनावपूर्ण हैं। सिंह के इस बयान से राजनीतिक हलचल मच गई है, और बीजेपी ने इसे देशद्रोही करार दिया है।
23 दिसंबर 2025 को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह ने कहा, “बांग्लादेश में जो हिंसा हो रही है, वह भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही कार्रवाई का रिएक्शन है। हमें दोनों तरफ अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार की नीतियां, जैसे CAA और NRC, ने दक्षिण एशिया में ध्रुवीकरण बढ़ाया है, जिसका असर पड़ोसी देशों पर पड़ रहा है। सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से बातचीत कर हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें, लेकिन साथ ही भारत में मुसलमानों के साथ न्याय करें।
यह बयान बांग्लादेश में हालिया घटनाओं के संदर्भ में आया है। वहां शेख हसीना सरकार गिरने के बाद अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले बढ़े हैं। मंदिर तोड़े गए, घर जलाए गए और कई मौतें हुईं। भारत ने इस पर चिंता जताई है और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश को चेतावनी दी है। लेकिन दिग्विजय सिंह का बयान भारत की आंतरिक नीतियों को जोड़कर विवादास्पद हो गया है।
बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “दिग्विजय सिंह का बयान शर्मनाक है। वे भारत को बदनाम कर रहे हैं। बांग्लादेश की हिंसा का भारत से कोई लेना-देना नहीं। कांग्रेस हमेशा अल्पसंख्यकों के नाम पर वोटबैंक की राजनीति करती है।” वहीं, आरएसएस ने इसे ‘हिंदू विरोधी’ बताया और कांग्रेस से माफी की मांग की।
कांग्रेस ने सफाई दी कि सिंह का बयान दोनों तरफ अल्पसंख्यक सुरक्षा पर जोर देता है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “दिग्विजय जी ने सच्चाई कही है। भारत में अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं, जो क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बन रहे हैं। हमें दोनों देशों में शांति की जरूरत है।”
यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जहां लोग सिंह की आलोचना और समर्थन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान 2029 लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जहां अल्पसंख्यक मुद्दा अहम रहेगा।
बांग्लादेश में हिंसा पर भारत की कूटनीति तेज हो गई है। रूस ने भी भारत का साथ दिया है। लेकिन सिंह का बयान घरेलू राजनीति को गरमा रहा है। क्या यह कांग्रेस को फायदा देगा या नुकसान? समय बताएगा।
