‘मनरेगा में बदलाव बिना सलाह के असंवैधानिक’, सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना… कांग्रेस का हल्ला बोल
‘मनरेगा में बदलाव बिना सलाह के असंवैधानिक’, सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना… कांग्रेस का हल्ला बोल
नई दिल्ली, 20 दिसंबर 2025: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्षा सोनिया गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) में किए गए बदलावों को असंवैधानिक करार दिया। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि “बिना किसी सलाह के मनरेगा कानून बदला गया, जो ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। यह गरीबों के अधिकारों पर हमला है।” यह बयान 1:10 मिनट के वीडियो में आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने आधार से लिंकिंग, ऐप-बेस्ड अटेंडेंस और पेमेंट सिस्टम में बदलाव बिना राज्यों, विशेषज्ञों या विपक्ष से चर्चा किए लागू किए। इससे लाखों मजदूरों को भुगतान में देरी हो रही है और रोजगार गारंटी कमजोर हुई है। उन्होंने याद दिलाया कि मनरेगा यूपीए सरकार की देन है, जो 2005 में लागू हुई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाती है। “मोदी सरकार इसे कमजोर करके कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचा रही है,” उन्होंने कहा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। राहुल ने X पर पोस्ट किया कि “मनरेगा गरीबों का हक है, न कि सरकार की मर्जी। हम संसद में इसकी लड़ाई लड़ेंगे।” विपक्षी दलों ने एकजुट होकर संसद के शीतकालीन सत्र में इस पर चर्चा की मांग की, लेकिन सत्ता पक्ष ने इसे खारिज कर दिया।
केंद्र सरकार ने जवाब में कहा कि बदलाव पारदर्शिता और दक्षता के लिए हैं। ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “मनरेगा में तकनीकी अपग्रेडेशन जरूरी है, इससे भ्रष्टाचार रुकेगा। विपक्ष राजनीति कर रहा है।” विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव ग्रामीण मजदूरों के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, खासकर जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी कम है।
यह विवाद 2026 लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां ग्रामीण मुद्दों पर फोकस किया जा रहा है। सोनिया के बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
