‘इमरजेंसी जैसा माहौल बना दिया’, एंटी-SIR रैली में केंद्र पर ममता का तीखा हमला: ‘आज सत्ता में हो, कल नहीं रहोगे’
‘इमरजेंसी जैसा माहौल बना दिया’, एंटी-SIR रैली में केंद्र पर ममता का तीखा हमला: ‘आज सत्ता में हो, कल नहीं रहोगे’
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (3 दिसंबर 2025) को मालदा जिले के गाजोल में आयोजित एंटी-SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) रैली में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। चुनाव आयोग की मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को ‘इमरजेंसी जैसा’ बताते हुए उन्होंने बीजेपी को चेतावनी दी, “ये इमरजेंसी जैसा है, आज तुम सत्ता में हो, कल नहीं रहोगे।” रैली में हजारों समर्थकों की मौजूदगी में ममता ने इसे ‘वोटबंदी’ का हथियार करार दिया, जो वैध वोटरों के नाम काटने की साजिश है।
ममता ने कहा, “देश में इमरजेंसी जैसा माहौल बना दिया गया है। केंद्र सभी टैक्स अपने पास रख रहा है, GST से लेकर सिगरेट टैक्स तक। बंगाल के लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश हो रही है।” उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर भी बात की, जैसे गंगा में मिट्टी कटाव की समस्या और बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की संदिग्ध मौतें। “ट्रेन लाइन पूरी कर दी है, बाढ़ से राहत मिलेगी, लेकिन केंद्र की साजिशें बंगाल को बर्बाद करने पर तुली हैं,” उन्होंने जोर देकर कहा। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और SIR को जोड़ते हुए ममता ने आश्वासन दिया, “कोई बांग्लादेश नहीं जाएगा। हम सब भारतीय हैं, और रहेंगे।”
यह रैली ममता की SIR विरोधी मुहिम का हिस्सा है, जो नवंबर से चल रही है। पहले बनगांव, कोलकाता और सिलीगुड़ी में भी ऐसी रैलियां हुईं, जहां उन्होंने कहा था, “अगर नाम कट गया तो केंद्रीय सरकार को डिलीट कर दो। मैं पूरे देश में बीजेपी की नींव हिला दूंगी।” SIR प्रक्रिया 12 राज्यों में चल रही है, जिसे विपक्ष ‘वोट चोरी’ का जरिया बता रहा है। ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब ‘बीजेपी कमीशन’ बन गया है। “2024 के चुनाव इसी वोटर लिस्ट से हुए थे, फिर जल्दबाजी क्यों? मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश में भी घुसपैठिए हैं क्या?”
बीजेपी ने ममता के बयानों को ‘ड्रामा’ बताते हुए पलटवार किया। प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजुमदार ने कहा, “ममता जी घुसपैठियों को बचाने के लिए बंगाल को बांग्लादेश बना रही हैं। SIR नकली वोटरों को हटाने के लिए जरूरी है।” केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट कर तंज कसा, “इमरजेंसी का रोना रोने वाली ममता खुद तानाशाही चला रही हैं।” विपक्षी नेता शुवेंदु अधिकारी ने रैली को ‘जमात की सभा’ कहा, जबकि अभिनेत्री कंगना रनौत ने SIR को ‘घुसपैठियों के खिलाफ कैंसर रोधी दवा’ बताया।
ममता की यह चेतावनी राजनीतिक तापमान बढ़ा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि SIR विवाद 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव को प्रभावित करेगा। ममता ने समर्थकों से अपील की, “मतदाता सूची का ड्राफ्ट आने पर चेक करें। कोई नाम कटा तो सड़कों पर उतर आएंगे।” रैली के बाद ममता ने मटुआ समुदाय से मुलाकात की, जो CAA का प्रमुख मुद्दा है।
कुल मिलाकर, ममता का यह हमला केंद्र-राज्य संबंधों में नई दरार पैदा कर रहा है। क्या SIR पर सुप्रीम कोर्ट हस्तक्षेप करेगा? इंतजार ही जवाब देगा।
