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दिल्ली ब्लास्ट: NIA ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा से इमाम और सहयोगी को दबोचा, पूरे इलाके में सघन चेकिंग

दिल्ली ब्लास्ट: NIA ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा से इमाम और सहयोगी को दबोचा, पूरे इलाके में सघन चेकिंग

हल्द्वानी: दिल्ली के रेड फोर्ट के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने शनिवार (29 नवंबर 2025) को सुबह करीब 2:30 बजे उत्तराखंड के हल्द्वानी के संवेदनशील बनभूलपुरा इलाके से बिलाली मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद आसिम कासमी और उनके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) से मिले सुराग पर आधारित है। ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत और कई घायल हुए थे, जिसे NIA ने ‘आतंकी घटना’ करार दिया है।

NIA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस को हल्द्वानी से एक मोबाइल नंबर का लिंक मिला, जो उमर नबी से जुड़ा था। उमर, जो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में जनरल मेडिसिन का असिस्टेंट प्रोफेसर था, ब्लास्ट के मास्टरमाइंड के रूप में वांछित है। जांच में पता चला कि कार अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) से लदी थी, जो वाहन-बोर्न इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (VBIED) के रूप में इस्तेमाल हुई। गिरफ्तार इमाम पर उमर को शरण देने और सहायता करने का शक है। दोनों को दिल्ली ले जाया गया है, जहां गहन पूछताछ हो रही है।

गिरफ्तारी के बाद हल्द्वानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। हल्द्वानी सिटी एसपी मनोज कुमार कटियाल और लाल कुआं डीएसपी दीपशिखा अग्रवाल के नेतृत्व में कई थानों की फोर्स बनभूलपुरा पहुंची। बिलाली मस्जिद और इमाम के घर के आसपास भारी सुरक्षा तैनात की गई है। प्रमुख चौराहों पर वाहनों की सघन चेकिंग चल रही है, जबकि नैनिटाल के एक अन्य मस्जिद में भी NIA और उत्तराखंड पुलिस ने पूछताछ की। स्थानीय निवासियों में दहशत है, और इलाके में ब्लॉकेड लगाकर संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली जा रही है।

यह गिरफ्तारी दिल्ली ब्लास्ट केस की सातवीं गिरफ्तारी है। इससे पहले NIA ने पुलवामा से मुजम्मिल अहमद गनई, काजीगुंड से आदिल मजीद राथर, फरीदाबाद से सोयब को पकड़ा था। ब्लास्ट से जुड़े डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. आदिल राथर को भी गिरफ्तार किया गया था। NIA का कहना है कि यह साजिश जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे संगठनों से जुड़ी है। जांच में 2,900 किलो से अधिक विस्फोटक भी बरामद हुए थे।

उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह संयुक्त ऑपरेशन था, और आगे की कार्रवाई के लिए NIA को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। बनभूलपुरा, जो पहले 2024 की हिंसा के लिए चर्चा में रहा था, अब फिर सुर्खियों में है। स्थानीय एसोसिएशन ने शांति की अपील की है। NIA ने कहा कि जांच जारी है, और और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह घटना दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

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